अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगलवार की रात 1 बजे (भारतीय समय अनुसार) अमेरिका को संबोधित किया। अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात को लेकर जो बाइडेन ने अफगानी पूर्व राष्ट्रपति को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अमेरिका अभी भी अपने फैसले पर अटल है। हमे अपनी सेना बुलाने पर कोई गम नहीं है। चाइना और रुस तो चाहते ही हैं कि अमेरिका अफगानिस्तान में पैसा बहाता रहे।

दुनिया भर में अमेरिका को दोशी ठहराए जाने पर राष्ट्रपति ने सभी को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि आज जो भी अफगानिस्तान में हो रहा है उसको लेकर अमेरिका को जिम्मेदार बताया जा रहा है। राष्ट्रपति से सवाल किया जा रहा है। सवाल अमेरिका से नहीं किया जाना चाहिए, सवाल वहां के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी से होना चाहिए जो अपनी जनता को मुश्किल समय में देश छोड़कर भाग गए।

उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को कठिन हालात में गनी छोड़कर भाग गए। उनसे सवाल पूछा जाना चाहिए, वह बिना लड़े अफगानिस्तान छोड़कर क्यों भाग गए? उन्होंने आगे कहा अफगानी सेना का काम हमारी अमेरिकी सेना ने किया है। पिछले 20 सालों से हम उनके मुस्तकबिल के लिए लड़ते रहे। उन्हें ट्रेन किया, वो सब कुछ दिया जिससे वो अपना सुनहरा भविष्य लिख सकते थे लेकिन वे नहीं लड़े। बस हम उन्हें लड़ने का ज्जबा नहीं दे पाएं।

राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने संबोधन के शुरुआत में कहा कि अफगानिस्तान में हालात अचानक बदले और वहां स्थिति गंभीर है। उन्होंने अमेरिकी सेना को वापस बुलाए जाने के फैसले को भी सही करार दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सेना लगातार लड़ने का जोखिम नहीं उठा सकती है। उन्होंने कहा कि मैं इस बात को लेकर पहले से स्पष्ट रहा हूं कि हमारी विदेश नीति मनावाधिकारों पर केंद्रित रही है।

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उन्होंने आगे कहा, मैं अमेरिका का राष्ट्रपति हूं दुनिया को भ्रमित नहीं करूंगा लेकिन अगर मेरे बाद भी कोई राष्ट्रपति बनता तो अपनी सेना को वहां मरने नहीं देता। अमेरिकी सेना के परिवारों ने कई अपनों को अफगानिस्तान में खोया है। हम अपनी सेना को लगातार जोखिम उठाने के लिए नहीं भेज सकते। उन्होंने कहा कि लोग कह रहे हैं कि हमने अफगानिस्तान को बीच अभियान में छोड़ दिया है लेकिन मैं जानता हूं कि मैंने हमेशा सही फैसला लेने की कोशिश की है।

आखिर में उन्होंने कहा कि, तालिबान अगर हमारी सेना पर हमला करता है तो हम करारा जवाब देंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर हम तालिबान पर कड़ी कार्यवाही करेंगे।

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