मॉडल जेसिका लाल हत्याकांड में ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे मनु शर्मा की रिहाई के आवेदन को दिल्ली सरकार की संटेंस रिव्यू बोर्ड ने गुरुवार को खारिज कर दिया है। जेसिका की 20 अप्रैल 1999 को दिल्ली के एक बार में कांग्रेस के तत्कालीन प्रभावशाली नेता विनोद शर्मा के बेटे मनु शर्मा ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। दिसंबर 2006 को दिल्ली हाई कोर्ट ने मनु शर्मा को मामले में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। शर्मा परिवार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था और अप्रैल 2010 में शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था।

वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है। मनु शर्मा के अलावा प्रियदर्शिनी मट्टू हत्याकांड के दोषी संतोष सिंह और तंदूर कांड के दोषी सुशील शर्मा की भी जल्दी रिहाई की याचिका खारिज कर दी गई है। दिल्ली संटेंस रिव्यू बोर्ड ने उनकी याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है। 23 जनवरी, 1996 को 25 वर्षीय लॉ स्टूडेंट प्रियदर्शिनी मट्टू की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। मामले में अक्टूबर 2006 में दिल्ली हाई कोर्ट ने संतोष कुमार को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

बता दें, की चार साल बाद 2010 में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस फैसले पर अपनी मुहर लगा दी थी।  जुलाई 1995 को कांग्रेस की कार्यकर्ता नैना साहिनी की उनके एमएलए पति सुशील शर्मा ने एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के शक में हत्या कर दी थी। नैना की हत्या के बाद वह शव एक रेस्तरां ले गया और रेस्तरां मैनेजर की मदद से शव को कई टुकड़ों में काटकर तंदूर में जला दिया। 8 अक्टूबर 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने सुशील शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

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