पाकिस्तान में पाकिस्तान मुस्लिम लीग -नवाज (पीएमएल-एन )समेत विपक्षी दलों ने शनिवार को आम चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए इसके नतीजे को खारिज कर दिया और दोबारा चुनाव कराने की मांग की है। बीबीसी के अनुसार  विपक्षी दलों का आरोप है कि सेना की मिली भगत से क्रिकेटर से राजनीति में आये इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक -ए- इंसाफ (पीटीआई) अबतक आये नतीजों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सरकार बनाने की ओर अग्रसर है।

संयुक्त वार्ता के बाद एक विपक्षी के नेता ने  कहा कि दोबारा चुनाव की मांग को लकर  आंदोलन शुरू किया जायेगा।इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिलम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने कहा था कि वह विपक्ष में बैठने के लिए तैयार है। श्री बिलावल मुट्टो के नेतृत्व वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी(पीपीपी) विपक्षी दलों की बैठक में भाग नहीं लिया। इस दल ने भी हालांकि चुनाव  में धांधली का आरोप लगाते हुए नतीजों के मानने से इंकार कर दिया है। यूरोपीय संघ ने  कहा था कि पाकिस्तान में  निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव नहीं हुआ है।  साथ ही अमेरिका ने भी इस चुनाव  की निष्पक्षता पर संदेह जताया है।उसका आरोप है कि  इन चुनावों में पीटीआई को  सेना का समर्थन मिला जबकि पीएमएल-एन और पीपीपी ने बंदिशों में अपना प्रचार किया। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष  घोषित करने से इंकार कर दिया है।

पाकिस्तान के राजदूत रहे हुसैन हक्कानी ने कहा कि चुनाव के नतीजे ‘पहले से ही तय’ थे। यूरोपीय संघ और अमेरिका का साथ मिलने के बाद विपक्षी दलों ने खुलकर चुनाव परिणामों का बहिष्कार करते हुए दोबारा चुनाव कराये जाने की मांग की है। दोबारा चुनाव कराये जाने की मांग को लेकर 12 से अधिक राजनीतिक दलों ने साझा रणनीति  बनाने के  लिए बैठक की। एमएमए पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि हम लोग दोबारा चुनाव कराये जाने की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ेंगे। श्री इमरान खान का पार्टी पीटीआई को 115  और श्री नवाज की पार्टी पीएमएल-एन को 64 सीटें मिली हैं। पीपीपी 43 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर है। अल्लाह -हु- अकबर पार्टी से अपने बेटे और दामाद को चुनाव में उतारने वाले मुंबई हमले के मास्टरमाइंड एवं आतंकवादी सरगना हाफिज सईद को इस चुनाव में जनता ने सिरे से नकार दिया है। इस पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। पीटीआई सरकार बनाने के जादुई आंकड़ा प्राप्त करने में असफल रहने के बाद मुताहिदा मजलिस-ए अमल समेत कट्टरपंथी धड़ो हाथ मिला सकती है। इस बीच संसदीय चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने से चुकने के बाद पीएमएल -एन अपने गढ़ पंजाब प्रांत में सरकार बनाने के प्रयास में है। वह इस प्रांत में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है लेकिन पीटीआई इसके साथ होड़ में है।  पीटीआई श्री नवाज की पार्टी से कुछ सीटों से कम है लेकिन वह छोटी और निदर्लीय दलों के सहयोग से इस प्रांत में अपनी सरकार बनाने की कोशिश में  है। पाकिस्तान में चुनाव के दौरान हिंसक घटनाएं भी हुयी। मतदान के दिन 25 जुलाई को क्वेटा में विस्फोट हुआ था जिसमें कई लोगों की जान गयी थी।

उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार के मामले में रावलपिंडी की जेल में बंद श्री शरीफ 10 साल की सजा काट रहे हैं।इस जेल में उनकी बेटी मरियम शरीफ  भी सात साल की सजा भोग रही है। श्री शरीफ बीमार पत्नी को लंदन छोड़कर इस माह स्वदेश लौटे थे और कहा था कि वह अपने देश के नागरिकों और पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को अकेले नहीं छोड़ सकते। उन्होंने यह भी कहा था कि वह कायर नहीं है कि देश से बाहर रहें। उन्हें किसी बात का डर नहीं है क्योंक वह  किसी प्रकार के भ्रष्ट्राचार में शामिल नहीं है,वह अदालत के फैसले को चुनौती देगें।

                                                                                                          साभार- ईएनसी टाईम्स

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