भारत में अगर आप किसी भी विभाग में काम कर रहे है और अगर आपने अपने बेहतर प्रदर्शन के बदौलत अपनी आय बढ़ाने की मांग की तो कई बार संस्था से आपको किसी ना किसी बहाने से निकाला भी जा सकता है। यह रवैया भारत के हर कार्यक्षेत्र के विभाग में होता है फिर चाहे वो कार्यक्षेत्र बहुत छोटा हो या बड़ा। कुछ इसी तरह के हालात इन दिनों भारतीय टीम के सफल कोच और पूर्व क्रिकेटर अनिल कुंबले के साथ भी घटित हो रही है।
भारतीय क्रिकेट कोच अनिल कुंबले का कार्यकाल आगामी आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के बाद खत्म होने जा रहा है लिहाजा बीसीसीआई ने गुरुवार को नए मुख्य कोच के लिए आवेदन मंगवाए हैं। हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल अनिल कुंबले टीम के मुख्य कोच हैं इसलिए उन्हें चयन प्रक्रिया में सीधी एंट्री मिलेगी। आपको बता दें कि आमतौर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले कोच का कार्यकाल बोर्ड स्वत: ही आगे बढ़ा देती है लेकिन अनिल कुंबले के साथ ऐसा नहीं हुआ।
इसका कोई स्पष्ट कारण अभी तक तो पता नहीं चल पाया है लेकिन सूत्रों के हवाले से ख़बर मिल रही है कि इसका कारण अनिल कुंबले द्वारा सैलेरी बढ़ाने की मांग हो सकता है। गौरतलब है कि अनिल कुंबले ने कुछ वक्त पहले बीसीसीआई से अपनी और खिलाड़ियों के वेतन बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद ही मीडिया को जारी प्रेस रिलीज में बोर्ड ने कहा है कि वह पुरुष टीम के हेड कोच के पद के लिए योग्य उम्मीदवारों को बुलाने जा रहा है। इसके अलावा, ‘निष्पक्ष और पूरी तरह से पारदर्शी’ प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (सीओए) का एक सदस्य भी क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी के साथ चयन प्रक्रिया पर नजर रखेगा। बता दें कि एडवाइजरी कमिटी में सचिन तेंडुलकर, सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण जैसे पूर्व क्रिकेटर शामिल हैं।









