G20 Summit: हैदराबाद में कृषि क्षेत्र के डिजिटलाइजेशन, टेक्नोलॉजी और खाद्य सुरक्षा पर मंथन

G20 Summit: कृषि कार्य समूह (AWG) की मंत्रिस्तरीय तीन दिवसीय G-20 बैठक की शुरुआत गुरुवार (15 जून) को हुई।

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G20 Summit Hyderabad
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G20 Summit: कृषि कार्य समूह (AWG) की मंत्रिस्तरीय तीन दिवसीय G-20 बैठक की शुरुआत गुरुवार (15 जून) को हुई। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में G20 सदस्य देशों, आमंत्रित देशों और 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के 200 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विभिन्न देशों के कृषि मंत्री और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के महानिदेशक शामिल हुए।

बैठक के पहले दिन कृषि एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने हैदराबाद के नोवोटेल में स्थापित अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (HICC) में भव्य अंदाज में लगाई गई अत्याधुनिक कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। ये प्रदर्शनी कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों को प्रदर्शित कर रही है।

G20 Summit: इस मौके पर कैलाश चौधरी ने कहा कि उभरती आधुनिक प्रौद्योगिकियां किसानों की बहुत मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि ड्रोन जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियां किसानों को ज्यादा उपज देने में मदद करेंगी। उन्होंने विशेष रूप से लोगों के बीच नई तकनीकों के बारे में जागरूकता पैदा करने की जरूरत पर जोर दिया। उद्घाटन के बाद कृषि प्रतिनिधि बैठक का आयोजन हुआ। जहां पहले दिन अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों के बीच व्यावहारिक चर्चा हुई।

इसके अलावा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव मनोज आहूजा और G20 सदस्य देशों के कृषि प्रतिनिधियों ने कृषि संबंधित प्रमुख मुद्दों पर विचार विमर्श किया। वहीं, खाद्य सुरक्षा, बाजरा, जलवायु-स्मार्ट कृषि, डिजिटल परिवर्तन और परिणाम दस्तावेज तैयार करने जैसी प्रमुख प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस बाच G20 सदस्य देशों के कृषि प्रतिनिधि मनुष्य, पृथ्वी और लाभ के लिए कृषि व्यवसाय का प्रबंधन, कृषि में डिजिटल प्रौद्योगिकी शक्तियों का उपयोग जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा की।

G20 Summit: खाद्य सुरक्षा और पोषण के मुद्दे पर गहनता से होगा मंथन

बैठक के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर G20 बैठक में भाग लेने वाले मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुखों का गर्मजोशी से स्वागत करेंगे। दूसरे दिन के एजेंडे में “खाद्य सुरक्षा और पोषण के लिए सतत कृषि” पर चर्चा और महिलाओं के नेतृत्व वाली कृषि, टिकाऊ जैव विविधता और जलवायु समाधान पर उच्च स्तरीय मंत्रिस्तरीय चर्चा शामिल है। इन समानांतर सत्रों का मकसद वैश्विक कृषि को प्रभावित करने वाले जरूरी मुद्दों पर संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना है।

कृषि कार्य समूह की बैठक के अंतिम दिन प्रतिनिधिमंडल हैदराबाद में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट्स रिसर्च (IIMR) के तकनीकी भ्रमण पर निकलेगा। यह यात्रा प्रतिनिधियों को बाजरे की खेती और प्रसंस्करण में अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार देखने का मौका देगी। ये बैठक 15 जून से लेकर 17 जून तक आयोजित होगी। बता दें, G-20 कृषि कार्यकारी समूह की पहली बैठक इंदौर में और दूसरी बैठक चंडीगढ़ में आयोजित की गई थी।

सबसे बड़े खाद्य उत्पादक देशों में भारत -केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर

पहले सत्र के समापन के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि भारत कृषि के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खाद्य उत्पादक देश है। तोमर ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में भारत दूसरे देशों के लिए भी आगे बढ़कर कार्य कर रहा है।

भारत आज कृषि के क्षेत्र में दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर काम कर रहा है । कृषि मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से मिलकर निपटने के लिए साझा रणनीति बनाए जाने की जरूरत है इसी मुद्दे पर प्रतिनिधियों के साथ आगामी चर्चा की जाएगी।

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