संसद में आज वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश कर दिया है। बजट में कई नई घोषणाएं के साथ आम आदमी को टैक्स से भी बड़ी राहत दी गई है। इससे पहले आज सदन की कारवाई शुरू होते ही सदन स्थगित करने की मांग को लेकर कांग्रेस के नेता विरोध में आ गए। कांग्रेस के नेता ई अहमद के निधन और परंपरा का हवाला देकर सदन को स्थगित करने की मांग कर रहे थे। लोकसभा स्पीकर ने इस मांग को ठुकरा दिया और दिवंगत सांसद ई अहमद को श्रद्धांजलि देने के बाद वित्त मंत्री को बजट पेश करने को कहा। साथ ही अहमद के सम्मान में कल(2 फ़रवरी)सदन के काम को स्थगित रखा गया है। गौरतलब है कि कल राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान अहमद को दिल का दौरा पड़ा था। बाद में राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उनका निधन हो गया था।

वित्त मंत्री अरुण जेटली के बजट 2017-2018 की महत्वपूर्ण बातें-:

  • युवाओं के लिए दो नई योजनायें। कौशल विकास के 100 नए केंद्र। नई परीक्षा एजेंसी।350 ऑनलाइन पाठ्यक्रम।
  • हर गाँव महिला शक्ति केंद्र।गर्भवती महिलाओं को 6000 रुपये।2018 तक चेचक मुक्त भारत।
  • ग्राम ज्योति योजना से 1 मई 2018 तक 100 फीसदी विद्युतीकरण।
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से रोज 133 किलोमीटर सड़कें बनी। 19000 करोड़ की घोषणा।
  • रेलवे का बजट 13,10,000 करोड़। नई मेट्रो पॉलिसी। रेल संरक्षा कोष।
  • डाकघरों में बनेगा पासपोर्ट।
  • झारखण्ड और गुजरात में नए AIIMS
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अगले दो साल में एक करोड़ नए घर बनाए जाएंगे।
  • टैक्स स्लैब में बदलावः अब 3 लाख रुपये तक आमदनी वालों पर टैक्स नहीं लगेगा
  • 2.5 लाख से 5 लाख रुपए तक की आय पर 5 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रस्ताव जो पहले 10 प्रतिशत था।
  • 50 लाख से एक करोड़ कमाने वालों को 10 प्रतिशत सरचार्ज देना होगा।
  • प्रत्यक्ष कर वसूली देश की अर्थवस्था के अनुपात में नहीं।
  • पिछले वित्त वर्ष में सिर्फ़ 7 करोड़ लोग टैक्स रिटर्न भरा गया।
  • नोटबंदी की वजह से बैंकों ने हाउसिंग लोन की ब्याज दर कम की है।
  • सिर्फ़ 76 लाख लोग ऐसे थे जिन्होंने 10 लाख से अधिक कमाई दिखाई जबकि विदेश घूमने जाने वालों की संख्या 2 करोड़ थी।
  • 50 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाली कंपनी के टैक्स में कटौती,अब 25 प्रतिशत टैक्स, पहले 29 प्रतिशत था।
  • आईआरसीटीसी के ज़रिए ई-टिकट बुकिंग्स के दौरान अब अलग से सर्विस चार्ज नहीं लगेगा।
  • अच्छे मॉनसून की वजह से कृषि क्षेत्र में 4 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की आशा।
  • 2019 तक एक करोड़ गरीब परिवार ग़रीबी से बाहर आ जाएंगे।
  • सरकार पाँच साल में किसानों की आय दोगुना कर देगी।
  • ‘मनरेगा’ पर 48 हज़ार करोड़ रुपए ख़र्च होंगे जो अब तक का अधिकतम है।
  • अगले साल 10 लाख करोड़ रुपए कृषि कर्ज़ के तौर पर दिए जाएंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here