Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण से नहीं मिल रही लोगों को राहत । राजधानी की आबोहवा पर SC ने जताई थी चिंता…

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Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाए जाने के मसले पर आज यानी मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है । सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने के मुद्दे पर पंजाब सरकार को खूब फटकारा है। सुप्रीम कोर्ट ने 5 दिसंबर को सुनवाई की अगली तारीख कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार को खुले में कूड़ा जलाने की घटनाओं पर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

Delhi pollution : जस्टिस संजय किशन कौल ने आज सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार से कहा कि हमने पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है करीब 100 FIR को दर्ज किया और लगभग दो करोड रूपये का जुर्माना भी वसूल किया है। पंजाब सरकार ने कहा पंजाब के छह जिले में पूरी तरीके से पराली को नही जलाया गया है। जस्टिस कौल ने कहा जो लोग कानून का उल्लंघन कर रहे है उन्हें खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कानून का उल्लंघन करने वाले लोगों को आर्थिक लाभ क्यों मिले ? जो लोग पराली जला रहे है उन्हें MSP का लाभ न दिया जाए। इसके अलावा अन्य फसलों को भी प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।

कोर्ट ने कहा बिहार में किसान पराली को अपने हाथों से काटते है। वहीं पंजाब और अन्य राज्यों में जिन लोगों के पास पर्याप्त खेत है। उनके पास मशीनीकृत कटाई के साधन हैं लेकिन छोटी खेत वाले लोग पराली जलाने को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। जिसे हम समझते है। कोर्ट ने माना कि खेतों में आग लगाने की घटना में कमी नहीं आई है। पंजाब सरकार के मुताबिक 984 FIR दर्ज किए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि पराली जलाने की जितनी घटनाएं हुई हैं उनमें से 20 मामलों में ही जुर्माना लगाया गया है। कोर्ट ने कहा कि किसान को विलेन बनाया जा रहा है और उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। य़ह भी देखना होगा कि उसके पास पराली जलाने के कुछ कारण रहें होंगे।

MSP जैसा इंसेंटिव दिया जाए:

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को कहा कि किसानों को दिए जाने वाले इंसेंटिव को लेकर उन्हें हरियाणा से सीख लेनी चाहिए। और किसानों को भी अपनी फसल से पर्यावरण और पानी की उपलब्धता पर पड़ने वाले असर पर भी ध्यान देना चाहिए। अपने फायदे के अलावा भी सोचना चाहिए। जस्टिस कौल ने कहा कि धान के अलावा अन्य फसलों पर भी सोचना चाहिए। पंजाब और हरियाणा के अलावा भी अन्य राज्यों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। कोर्ट ने पंजाब सरकार से किसानों को मशीनों और ईंधन के साथ अन्य जरूरी चीजें मुफ्त मुहैया कराए जाने पर अपना जवाब देने को कहा है।

जस्टिस कौल ने कहा पंजाब में जमीन नमी खोती जा रही है क्योंकि जल स्तर कम होता जा रहा है। यदि ज़मीन सूख गई तो बाकी अन्य फसले भी प्रभावित होंगी। पंजाब सरकार के वकील ने कहा किसानों ने कहा है कि वे धान नहीं उगाना चाहते हैं, बल्कि MSP के कारण ही उगाना चाहते हैं। जस्टिस कौल ने पंजाब सरकार से कहा कि आप पता लगाएं कि आप धान को कैसे हतोत्साहित कर सकते हैं और वैकल्पिक फसलों को प्रोत्साहित कर सकते हैं। कोर्ट ने पंजाब और केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा की राजनीति को छोडकर इस पर ध्यान दे कि प्रदूषण को कैसे कम करना है?

दिल्ली और NCR में खुले में कचरा जलाने पर सुप्रीम कोर्ट हुआ सख्त :

कोर्ट ने दिल्ली मे प्रदूषण को लेकर पूछा कूड़ा जलाने से रोकने के लिए दिल्ली मे क्या किया जा रहा है? इससे पहले भी हमने दिल्ली में खुले में कूडा जलाए जाने पर चिंता जताई थी और रोकने को कहा था लेकिन अभी भी दिल्ली और यूपी में खुले में कूड़ा जलाया जा रहा है। यहि बात एमिकस भी बता रहे हैं। कोर्ट ने दिल्ली के कैबिनेट सेक्रेट्री की कमेटी को प्राईवेट जगहों पर कंस्ट्रक्शन के पहलू पर गौर करने को कहा है। कोर्ट ने य़ह भी कहा कि अगर दिल्ली सरकार आदेश का पालन नहीं करेगी तो कोई और रास्ता नहीं बचेगा हमारे पास। दिल्ली-NCR में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट 5 दिसंबर को अगली सुनवाई करेगा।

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