Birbhum Violence: बीरभूम हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई की फोरेंसिक टीम एक्शन में है। टीम ने दूसरे दिन भी बीरभूम जिले के रामपुरहाट के बगतुई गांव में आगजनी और हिंसा के केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने आगे की जांच के लिए मौके से जले हुए मलबे के नमूने एकत्र किए हैं। वहीं जांच के दौरान सीबीआई को एक निर्मानाधिन भवन से 40 देशी बम मिला है। बता दें कि कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई की टीम ने हिंसा की जांच अपने हाथ में ले ली है।
Birbhum Violence: CBI ने 21 लोगों को बनाया है आरोपी
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बीरभूम हत्याकांड में 21 लोगों को आरोपी बनाया है। इस सप्ताह की शुरुआत में बीरभूम के रामपुरहाट शहर के पास बगतुई गांव में भीड़ द्वारा छह महिलाओं और दो बच्चों को उनके घरों में बंद कर जिंदा जला दिया गया था, जिसके बाद करीब 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बता दें कि 22 मार्च को तृणमूल कांग्रेस के एक स्थानीय नेता भादु शेख की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद भीड़ ने गांव के कुछ घरों में आद लगा दी थी। इस हिंसक घटना में कुल 8 लोगों की मौत हो गई थी।

Birbhum Violence: वरिष्ठ अधिकारी अखिलेश सिंह के नेतृत्व में हो रही है मामले की जांच
गौरतलब है कि सीबीआई की टीम ने रामपुरहाट के एक सरकारी गेस्ट हाउस में अस्थाई कैंप लगाया है। वरिष्ठ अधिकारी अखिलेश सिंह के नेतृत्व में मामले की जांच एक्शन मोड में शुरू कर दिया है। वहीं सीबीआई को अपनी जांच पर 7 अप्रैल तक कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करनी है। बता दें कि उच्च अदालत ने ममता सरकार के अनुरोध को खारिज कर दिया है,जिसमें वो मामले की जांच सीबीआई को नहीं सौंपने की बात की है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि घटना के पीछे साजिश था। ग्रामीणों के अलावा मारे गए लोगों के परिजनों और रिश्तेदारों से घिरी ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि आधुनिक बंगाल में कुछ इतना बर्बर हो सकता है। मां और बच्चे मारे गए।
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