दक्षिण अफ़्रीका दौरे पर भारतीय टीम के चयन के फ़ैसलों ने जहां सबको हैरान किया है। तो वहीं दक्षिण अफ़्रीका दौरे पर भारतीय टीम के चयन से नाराज पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर भी अब इस पर खुल के बोलते नजर आए। सुनील गावस्कर ने कहा कि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी को टेस्ट क्रिकेट से इतनी जल्दी संन्यास नहीं लेना चाहिए था।

जब दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन टीम इंडिया ने अपने 3 विकेट 35 रन पर ही गंवा दिए,  तो मैच के दौरान कमेंट्री कर रहे गावस्कर इतने निराश हो गए कि, उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि टीम इंडिया अब यह मैच जीत सकती है। सच कहूं तो विराट कोहली के आउट हो जाने के बाद मुझे नहीं लगता कि भारत में ये मैच जीतने की क्षमता है…।

उसके बाद तो गावस्कर टीम से इतने निराश दिखे कि उन्हें पूर्व भारतीय कप्तान महेंदर सिंह धोनी की याद आ गई, और उन्होंने कहा अगर धोनी चाहते तो वो खेल सकते थे। लेकिन साफ़ है कि उन पर कप्तानी का बहुत दबाव था। मेरे मुताबिक, उन्हें कप्तानी छोड़ कर बतौर विकेट कीपर बल्लेबाज़ टीम में बने रहना चाहिए था। क्योंकि ड्रेसिंग रूम में उनकी सलाह अनमोल रहती है।

बता दें कि एमएस धोनी ने 2014 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद से विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ऋद्धिमान साहा के कंधों पर रही है। हालांकि, साहा के चोटिल होने की वजह से मौजूदा दक्षिण अफ्रीकी दौरे के लिए पार्थिव पटेल को टीम में जगह मिली है…

वहीं लिटिल मास्टर गावस्कर का यह भी मानना है कि धोनी के रहते टीम इंडिया को काफी फायदे मिलते क्योंकि उनकी कीपिंग बेमिसाल है। हालांकि, गावस्कर ने धोनी के संन्यास लेने के फैसले का सम्मान भी किया।

इससे पहले भी सुनील गावस्कर धोनी के संन्यास को लेकर कहते रहे हैं कि, अगर धोनी ने खिलाड़ी के तौर पर भी संन्यास ले लिया होता तो मैं उनकी वापसी के लिए उनके घर के आगे धरना देने वाला पहला व्यक्ति होता, और गावस्कर का मानना है कि धोनी एक खिलाड़ी के रूप में अभी भी विस्फोटक है। धोनी की बल्लेबाजी के बारे में गावस्कर का कहना है कि वह एक ओवर में मैच का पासा पलट सकते है, और अभी भारत को एक खिलाड़ी के रूप में उनकी सख्त जरुरत है। मुझे खुशी है कि उन्होंने एक प्लेयर के तौर पर टीम में बने रहने का फैसला किया।

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