जम्मू के सुंजुवां ब्रिगेड स्थित सेना शिविर पर आज सुबह आतंकवादियों ने हमला बोल दिया। हमले में दो 2 जवान शहीद, जबकि तीन घायल हो गए हैं। शनिवार तड़के जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में एक सैन्यकर्मी की बेटी की भी मौत हो गई है। जम्मू के आईजी एस.डी. सिंह जामवाल ने जानकारी देते हुए बताया, कि शनिवार तड़के 4:55 बजे संतरी के बंकर पर फायरिंग की गई। आतंकी सेना के एक क्वार्टर में घुसे हुए हैं।

सर्च ऑपरेशन जारी

आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया, सेना शिविर में चार से पांच आतंकवादी अचानक घुस गए। सेना ने कैंप के अंदर घुसे हुए आतंकियों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन तेज कर दिया है, यहां तक कि सेना ने आतंकियों को चारो ओर से घेर लिया है। इसके साथ ही पुलिस भी सर्च ऑपरेशन में जुटी है, जिसके लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही पूरे जम्मू शहर में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।

कैंप में छिपे बैठे

शनिवार तड़के आतंकियों ने कैंप के पिछले गेट से हमला बोला। वे फायरिंग करते हुए कैंप के अंदर प्रवेश कर गए, लेकिन जैसे ही सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू की, वे कैंप में जाकर छिप गए। बताया जा रहा है कि सेना के कैंप का कुछ हिस्सा रिहायशी भी है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि आतंकी जवानों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी निशाना बनाना चाहते हैं।

रोहिंग्या मुस्लिमों का हाथ

वही इस बारे में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर कविंद्र गुप्ता ने एक बड़ा बयान देते हुए इस आतंकी हमले को रोहिंग्या मुसलमानों से जोड़ दिया है। गुप्ता ने कहा, कि ऐसा हो सकता है कि आतंकी हमले के लिए रोहिंग्या को हथियार बनाना चाहते हो, वैसे भी सुंजवान आर्मी कैंप के पास बड़ी तादाद में रोहिंग्या मुस्लिम रहते हैं। गुप्ता ने विधानसभा की कार्यवाही के दौरान यह बयान दिया। स्पीकर के बयान के बाद सदन में बीजेपी विधायक नारेबाजी करने लगे और इस कारण विधानसभा की कार्रवाई कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

इस बारे में जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम निर्मल सिंह ने अपनी राय रखते हुए कहा, कि हमलावर पाकिस्तानी हैं, लेकिन अगर रोहिंग्या का हाथ हुआ तो वह जांच करवाएंगे।

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