Union Budget 2023-24: पिछले बजट में मोटा अनाज वर्ष की घोषणा, किसानों की आय बढ़ाने पर दिया जोर, नए बजट पर किसानों की बढ़ी उम्‍मीदें

Union Budget 2023-24: इस दौरान बजट वर्ष 2022-23 में मोटा अनाज वर्ष मनाने की भी घोषणा की गई। ऐसे में इस वर्ष भी किसानों और कृषि से जुड़े लोगों को केंद्र सरकार से काफी उम्‍मीदें हैं।करीब 70 देशों की सहमति से यूएन ने अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित किया।

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Union Budget 2023-24 top news
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Union Budget 2023-24: केंद्र सरकार ने पिछले बजट में कई घोषणाएं की थीं।इसके तहत गेंहू और धान की खरीद पर 2.37 लाख करोड़ रुपये प्रस्‍तावित किए गए।इसके साथ ही देश के करीब 1.63 करोड़ किसानों के बैंक खातों में सीधे 2.37 लाख करोड़ रुपये भेजने की घोषणा भी केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की थी।
इस दौरान बजट वर्ष 2022-23 में मोटा अनाज वर्ष मनाने की भी घोषणा की गई। ऐसे में इस वर्ष भी किसानों और कृषि से जुड़े लोगों को केंद्र सरकार से काफी उम्‍मीदें हैं।
करीब 70 देशों की सहमति से यूएन ने अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित किया।इसके बाद ही मोदी सरकार ने मोटा अनाज वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की।

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Union Budget 2023-24.

Union Budget 2023-24: जानिए पिछले बजट में कृषि क्षेत्र में उठाए गए कदम

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा- पिछले बजट के दौरान वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के जो उपाय बताएथे। उसके प्रथम चरण में गंगा नदी के अंतर्गत 5 किलोमीटर क्षेत्र पर प्राकृतिक खेती किए जाने पर जोर दिया गया।इसके साथ ही खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के साथ ही किसानों को ड्रोन के इस्‍तेमाल पर जोर दिया गया।

1208 लाख मीट्रिक टन अनाज की खरीद-पिछले बजट में रबी की फसल 2021-22 में गेहूं की खरीद और खरीफ में 1208 लाख मीट्रिक टन गेहूं और धान को शामिल किया गया था। पीपीपी मोड में किसानों को डिजिटल एवं हाईटेक सेवा संबंधी नई योजनाओं के बारे में जानकारियां साझा की गईं।

Union Budget 2023-24: कृषि विवि के पाठयक्रम में बदलाव

केंद्रीय वित्‍त मंत्री ने कहा कि पाठ्यक्रम में रसायनमुक्‍त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।जिसके पहले फेज में गंगा नदी से सटे पांच किलोमीटर चौड़े गलियारों अंतर्गत आने वाली किसानों की जमीन पर विशेष ध्‍यान दिया जाएगा।इसके साथ ही देश के कृषि विवि के पाठ्यक्रमों में संशोधन करने के लिए प्रोत्‍साहित करने पर जोर दिया।जिसमें जीरो बजट, आर्गेनिक कृषि, आधुनिक कृषिख्‍ मूल्‍य संवर्धन और प्रबंधन की जरूरतों को पूरा किया जाने की घोषणा की गई थी।

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