इलाहाबाद हाई कोर्ट(Allahabad High Court) ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल(Partap Singh Baghel) को 2019 की 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में काउंसलिंग कर नियुक्ति के आदेश का अनुपालन करने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो बेसिक शिक्षा परिषद के विशेष सचिव को 13 सितंबर को कोर्ट में हाजिर होना होगा। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने प्रयागराज की कुमारी सुनीता की अवमानना याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता बी डी निषाद ने बहस की। इनका कहना है कि याची पुलिस कांस्टेबल है। कोविड 19 पेंडेमिक के कारण ड्यूटी पर थी। समय पर नहीं पहुंची तो काउंसिलिंग में शामिल होने की अर्जी दी। किन्तु सुनवाई नहीं हुई। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। इसके खिलाफ विशेष अपील को स्वीकार करते हुए खंडपीठ ने याची को काउंसलिंग में शामिल कर नियुक्ति पर विचार करने का निर्देश दिया।

इसके खिलाफ एस एल पी भी खारिज हो गई। परिषद के अधिवक्ता यतींद्र ने अनुपालन रिपोर्ट पेश कर कहा कि विशेष सचिव बेसिक शिक्षा को संस्तुति की गई है। हाई कोर्ट का आदेश पालन किया जा रहा है। साथ ही परिषद के अधिवक्ता ने कोर्ट से कुछ और समय दिये जाने की मांग की। इसपर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने दिए गए आदेश को 13 सितंबर तक पालन करने या हाजिर होने का निर्देश दिया।

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बेसिक शिक्षा परिषद बेसिक प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों की नियुक्ति, स्थानान्तरण एवं तैनाती नियंत्रित करती है, विद्यालय समय अवधि निर्धारित करती है, तथा प्रदेश में बेसिक/प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने वाले निजी विद्यालयों को मान्यता देती है। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद अधिनियम, 1972 वर्ष 2000 में संषोधित किया गया।

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