हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने मृत श्रमिकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के सहयोग से राहत एवं बचाव अभियान पूरी तत्परता से जारी रखा जाए और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
इसी बीच मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में गुरुवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान, भारी बारिश और आकाशीय बिजली से हुए नुकसान का भी संज्ञान लिया। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में जाकर नुकसान का आकलन करने, राहत कार्यों को तेज करने और प्रभावित लोगों तक जल्द सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और हर तीन घंटे में स्थिति की अद्यतन रिपोर्ट शासन को भेजी जाए। साथ ही राहत शिविरों, मुआवजा वितरण और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी सार्वजनिक माध्यमों से साझा करने को कहा गया है, ताकि आम लोगों तक सही और समय पर सूचना पहुंच सके।
प्रदेशवासियों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।









