पर्यटन और आतिथ्य उद्योग में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (MKITM), लखनऊ ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बीबीए इन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध यह तीन वर्षीय प्रोफेशनल कोर्स छात्रों को तेजी से बढ़ रहे पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में रोजगार और उद्यमिता के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, यह पाठ्यक्रम उद्योग की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। कोर्स के माध्यम से छात्रों को होटल प्रबंधन, एयरलाइंस, ट्रैवल एजेंसी, क्रूज टूरिज्म, इवेंट मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़ी व्यावसायिक समझ और व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा।
रोजगारोन्मुख शिक्षा पर फोकस
संस्थान का दावा है कि पाठ्यक्रम केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व विकास और पेशेवर कौशल को भी मजबूत करता है। कम्युनिकेशन स्किल्स, पर्सनालिटी डेवलपमेंट, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और इंडस्ट्री एक्सपोजर जैसे मॉड्यूल को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
इसके अलावा छात्रों को औद्योगिक भ्रमण और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के जरिए वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव भी दिया जाएगा, जिससे वे रोजगार बाजार की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
क्या है पात्रता?
बीबीए इन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी कोर्स में प्रवेश के लिए इंटरमीडिएट या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सामान्य और ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं, जबकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक की पात्रता तय की गई है।
फीस और अन्य सुविधाएं
एमकेआईटीएम ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रति सेमेस्टर शुल्क 29,000 रुपये निर्धारित किया है। वहीं आवेदन और पंजीकरण शुल्क मात्र 500 रुपये रखा गया है।
छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संस्थान परिसर में एसी और नॉन-एसी हॉस्टल की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है। हॉस्टल में सुरक्षा, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का प्रावधान है, जिससे बाहरी जिलों और राज्यों से आने वाले छात्रों को बेहतर आवासीय वातावरण मिल सके।
पर्यटन बनेगा रोजगार का बड़ा माध्यम
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ‘विकसित यूपी, विकसित भारत 2047’ के विजन के तहत पर्यटन क्षेत्र को रोजगार सृजन के प्रमुख स्रोत के रूप में विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। वर्तमान में कुल रोजगार में पर्यटन क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 1.4 प्रतिशत है, जिसे आगामी वर्षों में बढ़ाकर 5 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि एमकेआईटीएम जैसे संस्थान न केवल युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित कर रहे हैं, बल्कि प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट और जॉब क्रिएशन को भी नई दिशा दे रहे हैं। ऐसे पाठ्यक्रम उत्तर प्रदेश को पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
इच्छुक छात्र अधिक जानकारी के लिए संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर संपर्क कर सकते हैं या संस्थान द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।









