किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर CM योगी की श्रद्धांजलि, कहा- गांव और किसान ही विकास की असली ताकत

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लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। विधान भवन परिसर स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें भारत माता का महान सपूत, किसानों का सच्चा हितैषी और ग्रामीण भारत की आवाज बताया।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चौधरी चरण सिंह का संपूर्ण सार्वजनिक जीवन किसानों, गांवों और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि देश के कृषि और राजस्व सुधारों के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। चौधरी चरण सिंह का स्पष्ट मानना था कि भारत की प्रगति का मार्ग गांव, खेत और खलिहानों से होकर गुजरता है और यही विचार आज भी प्रासंगिक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। नीतियों और योजनाओं का केंद्र किसान और ग्रामीण समाज होना चाहिए, क्योंकि कृषि क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन में किसान हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और इसी कारण उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया।

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार भी किसानों के उत्थान और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि चौधरी चरण सिंह की स्मृतियों को संरक्षित करने और उनके विचारों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिनमें लखनऊ में विकसित किया जा रहा चौधरी चरण सिंह सीड पार्क भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चौधरी चरण सिंह केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि ग्रामीण भारत की आकांक्षाओं के प्रतीक थे। किसानों, मजदूरों और आम जनमानस के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य उन्हें भारतीय राजनीति के सबसे सम्मानित नेताओं में शामिल करते हैं।

गौरतलब है कि चौधरी चरण सिंह का निधन 29 मई 1987 को हुआ था। उनकी पुण्यतिथि पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके योगदान को याद किया गया।