Ukraine Crisis: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके अमेरिकी समकक्ष जो बिडेन ने एक शिखर सम्मेलन के लिए सहमति व्यक्त की है। हालांकि अमेरिका का कहना है कि मुलाकात तभी मुमकिन है जब रूस यूक्रेन (Ukraine Crisis) पर आक्रमण नहीं करे। मामले की जानकारी देते हुए फ्रांस सरकार का कहना है कि दोनों नेताओं ने शिखर सम्मेलन के लिए हां कहा है।
Ukraine Crisis: अमेरिका का मामले पर क्या है रुख?
इससे पहले अमेरिका ने ने एक आसन्न आक्रमण (Ukraine Crisis) की चेतावनी दी थी। वहीं यूक्रेन और रूस ने एक-दूसरे पर सीमा पर गोलीबारी करने का आरोप लगाया। अमेरिकी सरकार ने कहा, “और वर्तमान में, रूस बहुत जल्द यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर हमले (Ukraine Crisis) की तैयारी जारी रख रहा है।”

अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों का कहना है कि रूस ने यूक्रेन की सीमाओं पर 150,000 से अधिक सैनिकों को जमा किया है और वह पूर्ण पैमाने पर हमला करने के लिए तैयार है।

वहीं रूस ने अपने पड़ोसी पर आक्रमण करने के किसी भी इरादे से इनकार किया है, लेकिन मांग की है कि नाटो गठबंधन सदस्यता के लिए यूक्रेन की मांग को खारिज कर दे और पूर्वी यूरोप में तैनात पश्चिमी देशों के सुरक्षा बलों को वापस बुलाए।

बता दें कि मुलाकात की घोषणा उस समय हुई जब फ्रांस और रूस के बीच बातचीत हुई । रूस ने एक बयान में कहा कि “यूक्रेनी सुरक्षा बलों द्वारा उकसावे” के चलते दोनों देशों की सीमा पर हिंसा हुई। लेकिन फ्रांस ने यह भी कहा कि दोनों देश मौजूदा संकट का कूटनीतिक समाधान चाहते हैं ।

अमेरिकी मीडिया ने अज्ञात सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका को पिछले हफ्ते खुफिया जानकारी मिली थी कि रूस ने सैनिकों को हमला करने का आदेश दिया है। एक अमेरिकी कंपनी की सैटेलाइट तस्वीरों में सीमा पर रूसी सैनिकों की नई तैनाती भी दिखाई दे रही है।
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