Manoj Muntashir: मस्जिद है या शिवाला, पत्थर गवाही देंगे…ज्ञानवापी विवाद के बीच मनोज मुंतशिर की कविता वायरल

बॉलीवुड के गीतकार मनोज मुंतशिर उज्जैन एक कार्यक्रम में पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी कविता सभी को सुनायी। जिसमें ये कहा गया कि भारत का इतिहास हमें गलत पढ़ाया गया है।

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Manoj Muntashir: मस्जिद है या शिवाला, पत्थर गवाही देंगे…ज्ञानवापी विवाद के बीच मनोज मुंतशिर की कविता वायरल
Manoj Muntashir: मस्जिद है या शिवाला, पत्थर गवाही देंगे…ज्ञानवापी विवाद के बीच मनोज मुंतशिर की कविता वायरल

Manoj Muntashir: मशहूर गीतकार मनोज मुंतशिर की एक कविता सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक कार्यक्रम में गीतकार मनोज ने अपनी ये कविता पढ़ी। इस कविता में उन्होंने मुगलों को अपना निशाना बनाया और जो कुछ भी इतिहास में हुआ उसके बारे में अपनी बात रखी। मुगलकाल में मंदिरों के तोड़े जाने का जिक्र भी उन्होंने अपनी कविता में किया।

बता दें कि इन दिनों यूपी में ज्ञानवापी का मामला काफी गरमाया हुआ है। इसी बीच मनोज मुंतशिर की ये कविता जिसके बोल हैं कि मस्जिद है या शिवाला, पत्थर गवाही देंगे काफी वायरल हो रही है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रही है। यूजर्स वीडियो पर अलग-अलग रिएक्शन दे रहे हैं।

Manoj Muntashir: मस्जिद है या शिवाला, पत्थर गवाही देंगे…ज्ञानवापी विवाद के बीच मनोज मुंतशिर की कविता वायरल
Manoj Muntashir

Manoj Muntashir: मुगलों पर हमलावार हुए मनोज मुंतशिर

बॉलीवुड के गीतकार मनोज मुंतशिर उज्जैन एक कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपनी कविता सभी को सुनायी। जिसमें ये कहा गया कि भारत का इतिहास हमें गलत पढ़ाया गया है। उन्होंने मंदिर-मस्जिद विवाद पर कहा कि मस्जिद है या शिवाला इसकी गवाही पत्थर देंगे। इसके अलावा उन्होंने मुगलों को घेरते हुए कहा कि अल्लाह-हू-अकबर बोल-बोलकर तबाही मचायी गयी। कार्यक्रम में मनोज मुंतशिर ने कहा कि देश में प्यार के नाम पर ताजमहल खड़ा कर दिया गया, वो भी उस समय में, जब देश में भुखमरी थी। देश में 35 लाख लोग भुखमरी से मर रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रेम की असली निशानी राजा रामचंद्र द्वारा माता सीता के लिए समुद्र चीर कर बनाया पुल है। प्रेम की निशानी चित्तौड़गढ़ का किला है, जहां राजा रतन सिंह के वियोग में माता पद्मिनी ने खुद को जलती चिता में झोंक दिया। मुगलों को लुटेरा बताते हुए कवि मुंतशिर ने कहा कि शाहजहां ने ताजमहल बनवाने के लिए 9 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। अगर इन पैसों को जनता पर खर्च किया जाता तो लोगों की गरीबी मिट सकती थी।

मनोज मुंतशिर की इस कविता की लाइनें कुछ यूं हैं। ‘मस्जिद है या शिवाला, ये सच बता ही देंगे, पूछेगी जब अदालत, पत्थर गवाही देंगे। हम जोड़ने के कायल, तुम तोड़ने में माहिर, मेहमान तुमको माना, तुमने हमको काफिर। बस ये बता दो खंजर क्यों पीठ में उतारा, क्यों सोमनाथ तोड़ा? मथुरा को क्यों उजाड़ा, शंकर का जुर्म क्या था….।’

Manoj Muntashir: मस्जिद है या शिवाला, पत्थर गवाही देंगे…ज्ञानवापी विवाद के बीच मनोज मुंतशिर की कविता वायरल
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इस कविता के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस पर घमासान मच गया है। एक ओर जहां कुछ लोग उनकी कविता की तारीफ कर रहे हैं तो वहीं, कुछ लोगों ने इसे गलत बताया है। कई लोगों का कहना है कि उनकी ये कविता जहर उगलने वाली है।

Manoj Muntashir: पहले भी विवादों में रह चुकी है मनोज की कविताएं

बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब Manoj Muntashir ने इस तरह की कोई कविता लिखी हो। इससे पहले भी मनोज ने एक कविता लिखी थी, जिसका नाम था ‘आप किसके वंशज हैं।’ जिसमें मनोज ने मुगलों को लेकर कई बात कही थी, जिसका लोगों ने जमकर विरोध किया था।

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