उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में खेल अधोसंरचना को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। लगभग 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह स्टेडियम न केवल पूर्वांचल के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देगा, बल्कि गोरखपुर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर भी नई पहचान दिलाएगा।
ताल नदोर क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि क्रिकेट स्टेडियम के साथ लगती 60 एकड़ भूमि पर विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी विकसित किया जाएगा।
30 हजार दर्शकों की क्षमता वाला आधुनिक स्टेडियम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 46 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला यह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम आधुनिक खेल सुविधाओं से लैस होगा। इसमें करीब 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले आयोजित किए जा सकेंगे।
स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं, प्रैक्टिस एरिया, हाईमास्ट फ्लडलाइट्स और आधुनिक पवेलियन तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही यहां भविष्य में आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के आयोजन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
सीएम योगी ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल स्टेडियम बनाना नहीं, बल्कि पूर्वांचल के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बड़ा मंच देना है।
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मिलेंगी मल्टीस्पोर्ट्स सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि स्टेडियम के बगल में 60 एकड़ भूमि पर विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा। यहां इनडोर और आउटडोर दोनों तरह के खेलों की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि हॉकी, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, कबड्डी और अन्य खेलों के लिए आधुनिक मैदान और ट्रेनिंग सेंटर तैयार किए जाएंगे। इससे गोरखपुर राष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स हब बनकर उभरेगा।
सीएम योगी ने कहा कि इस परियोजना से खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और बड़ी संख्या में युवाओं को करियर के नए अवसर प्राप्त होंगे।
ताल नदोर क्षेत्र की बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री ने ताल नदोर क्षेत्र में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ वर्ष पहले यह इलाका उपेक्षित और अवैध कब्जों से प्रभावित था। लेकिन अब सरकार ने इस भूमि को कब्जामुक्त कर विकास परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल करना शुरू किया है।
उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन का उपयोग लोककल्याण और जनहित के लिए होना चाहिए। इसी सोच के तहत यहां पशु चिकित्सा महाविद्यालय और अन्य विकास परियोजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, क्रिकेट स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनने के बाद इस क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट, मार्केट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।
खिलाड़ियों को नौकरी और प्रोत्साहन का भरोसा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ियों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार अब तक लगभग 550 पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से सरकारी नौकरी दे चुकी है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही 500 और खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ओलंपिक, एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ और विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे सरकारी सेवाओं में अवसर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कई खिलाड़ियों के नाम गिनाते हुए बताया कि उन्हें यूपी पुलिस, प्रशासनिक सेवाओं और खेल विभाग में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति दी गई है।
हरदीप सिंह पुरी ने की यूपी मॉडल की सराहना
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने विकास, कानून व्यवस्था और सुशासन के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में खेल, निवेश और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन हुआ है। गोरखपुर में बनने वाला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पूर्वांचल के विकास को नई दिशा देगा।









