‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’ से गांवों को मिली नई रफ्तार, UP के छोटे ग्रामीण इलाकों तक पहुंचीं बस सेवाएं

0
0

UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’ के तहत अब छोटे गांवों और दूरदराज के इलाकों तक बस सेवाएं पहुंचाने की कवायद तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने इस योजना के अंतर्गत कई जिलों में बस संचालन शुरू कर दिया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होने की उम्मीद बढ़ गई है।

सरकार का लक्ष्य प्रदेश की 59 हजार से अधिक ग्राम सभाओं को सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है। योजना के जरिए गांवों को ब्लॉक, तहसील, ग्राम पंचायत और जिला मुख्यालयों से सीधे जोड़ने की तैयारी की जा रही है, ताकि ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिल सके।

यूपीएसआरटीसी के सहायक प्रबंधक उमेश आर्य के मुताबिक, अब तक 70 जिलों में 858 बस ऑपरेटरों के आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। चयनित एजेंसियों के माध्यम से फिलहाल करीब 80 बसों का संचालन शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में और अधिक बसों को ग्रामीण रूटों पर उतारा जाएगा।

योजना के तहत अधिकतम 28 सीटों वाली मिनी बसें चलाई जा रही हैं। इन बसों की लंबाई सात मीटर तक निर्धारित की गई है, ताकि ग्रामीण सड़कों पर संचालन में किसी तरह की परेशानी न हो। बस ऑपरेटरों ने तय मानकों के अनुसार वाहनों का ऑर्डर भी दे दिया है और चरणबद्ध तरीके से सेवाएं शुरू की जा रही हैं।

जिलास्तरीय समितियां बसों के रूट तय कर रही हैं। जल्द ही सभी संचालित मार्गों और बस सेवाओं की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

इस योजना का एक बड़ा उद्देश्य ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करना भी है। निजी बस संचालकों के माध्यम से चल रही इस व्यवस्था में ड्राइवर, कंडक्टर, हेल्पर और तकनीकी स्टाफ की जरूरत होगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

योगी सरकार की यह पहल ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ-साथ गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।