CM Nitish Kumar: बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच संभावित फूट की चर्चा के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को पार्टी के सभी सांसदों और विधायकों की बैठक बुलाई है। साथ ही विधायकों को भी आज शाम तक पटना पहुंचने को कहा गया है। कांग्रेस नेता अजीत शर्मा ने कहा, ‘मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए हमने सभी विधायकों को आज शाम तक पटना पहुंचने को कहा है।
बिहार में राजनीतिक उथल-पुथल और JDU और बीजेपी के बीच संभावित फूट को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। बता दें कि राज्य की राजनीति में यह आने वाले दो दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि नीतीश कुमार पार्टी नेता आरसीपी सिंह पर भाजपा की मदद से जदयू के खिलाफ साजिश करने का आरोप लगाकर गठबंधन से बाहर हो सकते हैं। सिंह ने हाल ही में शनिवार को JDU से इस्तीफा दे दिया था।

“भाजपा ने दो मंत्री पद की मांग खारिज कर दी”
जद (यू) नेता विजय कुमार चौधरी ने शनिवार को कहा कि जद (यू) ने केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार में शामिल नहीं होने का फैसला किया था, लेकिन केंद्र सरकार ने दो मंत्री पद की मांग को खारिज कर दिया गया था। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह निर्णय बिहार में भाजपा के साथ हमारे गठबंधन को प्रभावित नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि हम नरेंद्र मोदी कैबिनेट में शामिल नहीं होने जा रहे हैं। जद-यू को भाजपा से सम्मान की आवश्यकता थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसलिए हमने नरेंद्र मोदी सरकार में शामिल होने से बचने का फैसला किया है।
वहीं, जेडी-यू के अलावा, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) ने भी 9 अगस्त को इसी तरह की बैठक बुलाई है। बैठक पटना में पार्टी प्रमुख जीतन राम मांझी के आधिकारिक आवास पर होगी।
नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं हुए नीतीश कुमार!
बता दें कि भाजपा और जदयू में खटास का अंदाजा लोग इस बात से भी लगा रहे हैं कि नीतीश कुमार रविवार को नीति आयोग की संचालन परिषद की 7वीं अहम बैठक में शामिल नहीं हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बैठक हुई और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया। बताते चले कि बीजेपी और जदयू के बीच की खाई बढ़ती जा रही है। सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार बिहार के 200 विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी के प्रवास कार्यक्रम से खुश नहीं हैं।
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