देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में कश्मीरी युवकों के साथ हुई मारपीट की घटना अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। शुरुआत में यह मामला पहचान के आधार पर कथित हमले से जुड़ा बताया गया था, लेकिन अब आरोपी पक्ष की ओर से भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। घटना ने राजनीतिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया पैदा की है।
दरअसल, घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी बताए जा रहे स्थानीय दुकानदार संजय यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद मामले में नया पहलू तब जुड़ा, जब आरोपी की पत्नी थाने पहुंचीं और उन्होंने कश्मीरी युवकों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया। बताया जा रहा है कि यह शिकायत घटना के लगभग 48 घंटे बाद दर्ज कराई गई। महिला का कहना है कि विवाद के दौरान युवकों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया था।
इससे पहले, देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में दो कश्मीरी युवकों के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तुरंत संज्ञान लेते हुए गुरूवार (29 जनवरी) को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में कश्मीरियों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं चिंताजनक हैं। उन्होंने हाल में अन्य राज्यों में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे हमलों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न हिस्सा है और वहां के नागरिकों को देश के किसी भी हिस्से में भय के माहौल में नहीं जीना चाहिए।
घटना के अनुसार, मंगलवार शाम विकासनगर थाना क्षेत्र के चौकी बाजार इलाके में दो किशोर कश्मीरी युवक एक दुकान पर सामान लेने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ स्थानीय युवकों ने उनकी भाषा और पहनावे के आधार पर उनसे पहचान पूछी। खुद को कश्मीर का निवासी बताने के बाद कथित रूप से उन पर हमला कर दिया गया। आरोप है कि हमलावरों ने क्षेत्रीय घटनाओं (पहलगाम आतंकी हमला) का हवाला देते हुए उनके साथ मारपीट की।
हमले में एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है। उसका हाथ टूटने के साथ सिर में भी चोट आई है। पहले उसे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, बाद में बेहतर इलाज के लिए दून अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस ने मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है।
इस घटना की जम्मू एंड कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने कड़ी निंदा की है। संगठन ने इसे भीड़ हिंसा और पहचान के आधार पर हमले की घटना बताते हुए उत्तराखंड सरकार से कड़ी धाराओं में मामला दर्ज करने और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
राजनीतिक स्तर पर यह मामला संवेदनशील बन गया है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से भी आग्रह किया है कि अन्य राज्यों को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सतर्क किया जाए, ताकि देश के भीतर किसी भी नागरिक की सुरक्षा पर सवाल न उठे।









