UP Police Constable Exam: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती परीक्षा-2025 का आयोजन प्रदेशभर में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 8, 9 और 10 जून को 75 जिलों के 1183 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में लाखों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। भर्ती बोर्ड के अनुसार परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, पारदर्शी और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था के बीच संपन्न कराई गई।
इस भर्ती परीक्षा के लिए कुल 28,86,798 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे। इनमें 19.62 लाख से अधिक पुरुष और 9.24 लाख से अधिक महिला अभ्यर्थी शामिल थीं। तीन दिवसीय परीक्षा के दौरान कुल 21,92,236 उम्मीदवार उपस्थित रहे, जिससे उपस्थिति प्रतिशत 75.94 दर्ज किया गया। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा का सफल आयोजन प्रशासनिक दक्षता और सुरक्षा प्रबंधन का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
तकनीक बनी परीक्षा की सबसे बड़ी सुरक्षा ढाल
भर्ती बोर्ड ने इस बार परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया। ई-केवाईसी सत्यापन, बायोमेट्रिक मिलान, सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं ने नकल और प्रतिरूपण की संभावनाओं को काफी हद तक समाप्त कर दिया।
इन्हीं तकनीकी उपायों के चलते कई संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान की गई। गौतमबुद्ध नगर के एक परीक्षा केंद्र पर ई-केवाईसी मिसमैच के बाद जांच में एक अभ्यर्थी द्वारा कथित रूप से कूटरचित आधार कार्ड का उपयोग करने का मामला सामने आया। वहीं अलीगढ़ में एक युवक दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। बायोमेट्रिक सत्यापन में गड़बड़ी मिलने के बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा
भर्ती बोर्ड ने परीक्षा से जुड़ी अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर भी सख्त रुख अपनाया। बोर्ड द्वारा जारी हेल्पलाइन और व्हाट्सएप शिकायत प्रणाली के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कई सोशल मीडिया अकाउंट्स और चैनलों की जांच की गई।
जांच के दौरान कुछ यूट्यूब चैनलों और इंस्टाग्राम अकाउंट्स द्वारा परीक्षा संबंधी भ्रामक वीडियो और तथ्यहीन दावे प्रसारित किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 के तहत मुकदमे दर्ज किए गए। अधिकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने या अभ्यर्थियों को गुमराह करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब तक 12 मुकदमे, 9 गिरफ्तारियां
भर्ती बोर्ड के अनुसार परीक्षा से जुड़े विभिन्न मामलों में अब तक कुल 12 अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें प्रतिरूपण, दस्तावेजों की जालसाजी, फर्जी पहचान पत्रों का उपयोग और सोशल मीडिया के जरिए भ्रम फैलाने जैसे मामले शामिल हैं। इन मामलों में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे की जांच जारी है।
निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया पर जोर
भर्ती बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े या परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
बोर्ड ने परीक्षा के सफल संचालन में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, परीक्षा केंद्र प्रबंधन, तकनीकी टीमों और अभ्यर्थियों के सहयोग की सराहना की। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और सख्त निगरानी के संयोजन से उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत हुई है।









