Bihar Bypoll Election: 16 साल की शासन के बाद भी Sushil modi लालू प्रसाद से पूछ रहे हैं सवाल, इन सवालों का कौन देगा जवाब?

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Sushil Modi again exposed to Lalu-Rabri, said - Rabri has 18 flats in Patna

Bihar Bypoll Election: बिहार में पिछले 16 साल से एनडीए की सरकार है। भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड (Janta Dal United) को जनता की तरफ से लगातार पूर्ण बहुमत मिलता रहा है। हालांकि राज्य में अभी भी आम लोगों को मूलभूत सुविधाओं से भी कई जगहों पर वंचित रहना पड़ता है। राज्य में 2 सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले एक बार फिर खराब सड़कों के लिए सुशील मोदी (Sushil modi) ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव (Lalu Yadav) से सवाल पूछा है।

सुशील मोदी ने ट्वीट किया है कि लालू प्रसाद बतायें कि उनके राज में सड़कें जर्जर क्यों थीं और विकास ठप क्यों था? उनके मंत्री क्या ‘भकचोंधर’ थे कि कोई बिना सड़क बनवाये अलकतरा घोटाला कर खजाना लूट रहा था, तो कोई बीएड डिग्री घोटाला कर रहा था? एक अन्य ट्वीट में सुशील मोदी ने लिखा है कि राजद बताये कि उसके समय सरकारी अस्पतालों में गरीबों को डाक्टर-दवाई क्यों नहीं मिलते थे और मरीज के बेड पर कुत्ते क्यों सोते थे? लालू-राबड़ी सरकार कितने मेडिकल कॉलेज, प्रबंधन संस्थान खोलवा पायी और कितने डाक्टरों-नर्सों को नौकरी मिली?

सुशील मोदी ने कहा है कि जिनके राज में शहरों को पूरी बिजली नहीं मिलती थी, गांव लालटेन-ढिबरी युग के अँधेरे में डूबे थे और अपराधियों के डर से बाजार शाम के बाद बंद होते थे, उन्हें एनडीए सरकार के विकास पर सवाल उठाने से पहले अपने चौपट भकचोंधर राज का हिसाब देना चाहिए।

सुशील मोदी के सवाल जायज हैं लेकिन एनडीए सरकार को भी अब इन सवालों से होकर गुजरना चाहिए

  • राज्य में नेशनल हाईवे को अगर छोड़ दिया जाए तो स्टेट और जिला प्रशासन के अंतर्गत आने वाले सड़कों की क्या हालात है?
  • सुशील मोदी ने बीएड भर्ती घोटाले का जिक्र कर अच्छा किया है लेकिन रूबी राय कांड के आरोपी बिहार बोर्ड के अध्‍यक्ष लालकेश्वर प्रसाद इस शासन में ही अपना धंधा चला रहे थे।
  • राज्य में अस्पतालों की हालात उस समय अच्छी नहीं थी लेकिन क्या यह अब बदल गया?
  • कोरोना संकट के दौरान क्या पूरे देश ने नहीं देखा कि मरीजों को मूलभूत सुविधाओं को भी उपलब्ध करवाने में उनकी सरकार विफल रही?
  • राज्य में लालू प्रसाद के दौर में बीपीएससी के माध्यम से शिक्षकों की बहाली हुई थी, नीतीश कुमार ने नियोजन इंकाई बनाकर किया। शिक्षकों की गुणवत्ता पर हर दिन सवाल खड़े होते हैं।
  • 1990 की दशक या उससे पहले से ही बिहार से जो पलायन की शुरुआत हुई वो अब भी जारी है।
  • राज्य में आए दिन अफसर राज होने के आरोप लगते रहे हैं। दुर्गापूजा और ईद उल मिलानदुनबी के मौके पर भी शिक्षकों को वेतन राज्य सरकार नहीं दिलवा पायी।
  • राजद सरकार की तुलना में एनडीए की शासन में कितने नए यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई?

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