Heart Attack: आखिर सुबह के समय ही क्यों आता है कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक? जानें क्या कहते हैं शोधकर्ता…

एक्सपर्ट्स का मानना है कि डायबिटीज, हाइपरटेंशन, रेगुलर स्मोकिंग करने से भी कार्डियक अरेस्ट का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। साथ ही, इसके पीछे कई कारण शामिल हैं जैसे, गलत लाइफस्टाइल, सोने और जागने का खराब साइकिल, बढ़ता हुआ स्ट्रेस लेवल, अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन, और अनहेल्दी डाइड्री हेबिट्स की वजह से भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

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Heart Attack: आखिर सुबह के समय ही क्यों आता है कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक? जानें क्या कहते हैं शोधकर्ता…
Heart Attack: आखिर सुबह के समय ही क्यों आता है कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक? जानें क्या कहते हैं शोधकर्ता…

Heart Attack: आजकल कार्डियक अरेस्ट की समस्या लोगों में सामान्य हो गई है। कम उम्र के लोगों को भी कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। एक्सपर्ट का मानना है कि सुबह के समय कार्डियक अरेस्ट का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि आखिर इसके पीछे का क्या कारण है और किन तरीकों से इसके खतरे को कम किया जा सकता है?

बता दें कि बीते कुछ सालों में कार्डियक अरेस्ट की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ रही है। लेकिन, एक्सपोर्ट का मानना है कि ज्यादातर लोगों को दिन के शुरुआती घंटों में कार्डियक अरेस्ट आने की संभावना ज्यादा होती है। क्योंकि हमारे शरीर से सुबह के समय कुछ ऐसे हार्मोन रिलीज होते हैं। शोधकर्ता के अनुसार लगभग सुबह 4:00 बजे के दौरान हमारे शरीर से साइटोकिनिन नाम का हार्मोन रिलीज होता है जो कार्डियक अरेस्ट का कारण बन जाता है।

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Heart Attack: बायोलॉजिकल क्लॉक के मदद से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है

एक्सपर्ट के मुताबिक हमारे शरीर में एक क्लॉक होती है जो हमारे रोज की आदतों को बताती है। दिन के समय लोग काफी एक्टिव रहते हैं। वहीं, रात के समय लोग थके हुए रहते हैं और उन्हें नींद की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है। बायोलॉजिकल क्लॉक के मदद से शुरुआती घंटों में हमारा ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।

Heart Attack के लिए सरकेडियन रिदम को जिम्मेदार मानना चाहिए

एक्सपर्ट्स का मानना है कि सुबह के समय आने वाले स्ट्रोक और अटैक के लिए सरकेडियन रिदम को जिम्मेदार मानना चाहिए। एक्सपर्ट के मुताबिक, अधिकांश कार्डियक अरेस्ट सुबह 4 से 10 बजे के बीच आते हैं। जब ब्लड प्लेटलेट्स चिपचिपे होते हैं और एड्रेनालाईन ग्रंथियों से एड्रेनालाइन रिलीज बढ़ने से कोरोनरी धमनियों में प्लाक टूटने लगता है।

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Heart Attack के लिए सरकेडियन रिदम को जिम्मेदार मानना चाहिए

Heart Attack: सुबह ज्यादा मात्रा में PAI-1 कोशिकाओं को रिलीज करता है

सरकेडियन सिस्टम सुबह के समय ज्यादा मात्रा में PAI – 1 कोशिकाओं को रिलीज करता है जो ब्लड क्लॉट को टूटने से रोकता है। ब्लड में PAI-1 कोशिकाओं की संख्या जितनी ज्यादा होती है, खून में ब्लड क्लॉट बनने की संभावना उतनी ही ज्यादा हो जिससे हार्ट अटैक आता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, सुबह और नींद की आखिरी स्टेज, हार्ट अटैक, सभी तरह की कार्डियोवस्कुलर इमरजेंसी, अचानक से होने वाली कार्डियक मौत, अरोटिक रपचर और स्ट्रोक के लिए काफी खतरनाक टाइमिंग होती है।

रिसर्च में पाया गया कि कार्डियोवस्कुलर डिजीज के मरीजों के ब्लड में सुबह के समय प्रोटेक्टिव मॉलिक्यूल्स का लेवल काफी कम होता है। जिस कारण इस समय उनमें ब्लड क्लॉट और हार्ट अटैक का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है़।

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किन कारणों से बढ़ता है Heart Attack का खतरा?

किन कारणों से बढ़ता है Heart Attack का खतरा?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि डायबिटीज, हाइपरटेंशन, रेगुलर स्मोकिंग करने से भी कार्डियक अरेस्ट का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। साथ ही, इसके पीछे कई कारण शामिल हैं जैसे, गलत लाइफस्टाइल, सोने और जागने का खराब साइकिल, बढ़ता हुआ स्ट्रेस लेवल, अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन, और अनहेल्दी डाइड्री हेबिट्स की वजह से भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

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