AQI: दिल्ली-एनसीआर में लगातार खराब हो रहे वायु गुणवत्ता सूचकांक को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने उद्योगों में इस्तेमाल कोयले और अन्य अप्रमाणित ईंधनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।दूसरी तरफ थर्मल पावर प्लांट में कम सल्फर कोयले के इस्तेमाल की अभी भी अनुमति है। गौरतलब है कि यह फैसला आने वाले 5 वर्षों के दौरान दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को रोकने के तौर पर लिया गया है।

AQI: निर्देश जारी किए
केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अनुसार संबंधित अधिकारियों को इस बाबत निर्देश जारी किए गए हैं। इसके लिए बाकायदा कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।इसके साथ ही आदेशों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया जाएगा। मालूम हो कि 1 जनवरी 2023 से पूरे दिल्ली-एनसीआर में औद्यौगिक, घरेलू आदि में कोयले के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए गए थे।
AQI: डीजल ऑटो हटाए जाने की योजना
जानकारी के अनुसार एनसीआर में दिल्ली, हरियाणा के 14 जिले, उत्तर प्रदेश के 8 जिले और राजस्थान के दो जिले शामिल हैं।वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अनुसार गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, फरीदाबाद, गुरुग्राम में डीजल ऑटो को साल 2024 के अंत तक सेवा से बाहर करना होगा। सोनीपत, रोहतक, झज्जर और बागपत को 31 दिसंबर 2025 तक ऐसा करना होगा।गौरतलब है कि दिल्ली ने वर्ष 1998 में ही डीजल ऑटो रिक्शा को सीएनजी में बदलने का काम शुरू कर दिया था। राजधानी में पीएम 2.5 उत्सर्जन में वाहनों की हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी है।
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