Chandra Shekhar Azad: भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी “आजाद समाज पार्टी” और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन की संभावना से इनकार कर दिया है। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि उन्होंने ‘बहुजन समाज’ को एकजुट किया और छह महीने तक समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव से मिलते रहे। आजाद ने कहा कि वह अखिलेश यादव से मिलने के लिए दो दिनों के लिए लखनऊ में थे।
Chandra Shekhar Azad बोले- अखिलेश ने मेरा अपमान किया
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मैंने अखिलेश यादव पर गठबंधन की जिम्मेदारी छोड़ दी थी, लेकिन उन्होंने मुझे फोन न करके मेरा अपमान किया है। चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि वह लगभग दो महीने से अखिलेश यादव से बात करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सपा नेता ने कोई जवाब नहीं दिया। “जब हमें कल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो हमारा विश्वास टूट गया। आजाद ने कहा कि मेरे लोगों को डर था कि हमारे नेता भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो जाएंगे। अखिलेश जी को दलितों की जरूरत नहीं है।

बीजेपी को रोकने की कोशिश में Chandra Shekhar Azad
गौरतलब है कि इससे पहले समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के बारे में बात करते हुए चंद्रशेखर आज़ाद ने बताया था कि गठबंधन की पुष्टि हो गई है। मैं सुबह प्रेस को बताऊंगा कि क्या शर्तें हैं सब कुछ तय कर दी गई हैं। वहीं आजाद और अखिलेश यादव शनिवार को दोपहर 12.30 बजे संयुक्त प्रेस वार्ता करने वाले थे।

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि बीजेपी को रोकने के लिए उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और सपा से हाथ मिलाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि मैं अखिलेश यादव को अपना बड़ा भाई मानता था। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के लिए मेरी लड़ाई जारी रहेगी। मैं विपक्ष को एकजुट करूंगा नहीं तो मैं खुद लड़ूंगा।
उन्होंने अगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि मैं दो दिनों में बताऊंगा कि चुनाव किसके साथ लड़ना है नहीं तो हम अकेले लड़ेंगे। चंद्रशेखर आजाद ने आगे कहा कि अब मैं बिखरी विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने की कोशिश करूंगा, नहीं तो मैं खुद सामाजिक न्याय के लिए लड़ूंगा।
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