US-Israel vs Iran War Day 26: ‘अमेरिका जीत चुका है, ईरान डील को तैयार’, ट्रंप का बड़ा दावा; ईरान ने कहा – US के साथ बातचीत…

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US-Israel vs Iran War Day 26: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के 26वें दिन स्थिति और जटिल हो गई है। एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका इस युद्ध में बढ़त हासिल कर चुका है और ईरान परमाणु हथियार न बनाने पर सहमत हो गया है। वहीं दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत से साफ इनकार किया है, जिससे स्थिति और उलझती नजर आ रही है।

ट्रंप का दावा—‘ईरान कमजोर, डील के लिए तैयार’

व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है और ईरान समझौते के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता—खासतौर पर उसकी नेवी, एयरफोर्स और रडार सिस्टम—गंभीर रूप से कमजोर हो चुके हैं।

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका की प्राथमिक शर्त यही है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा, और इस पर सहमति बन चुकी है। हालांकि उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर बातचीत विफल होती है, तो अमेरिका कड़े सैन्य कदम उठा सकता है, जिसमें ऊर्जा ठिकानों पर हमले भी शामिल हो सकते हैं।

ईरान का रुख—सीधी बातचीत से इनकार

ट्रंप के दावों के उलट, तेहरान ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी प्रत्यक्ष वार्ता में शामिल नहीं है। इससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है।

इसी बीच संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत ने भी कहा कि अमेरिका-ईरान वार्ता में इजरायल शामिल नहीं है, लेकिन उसका लक्ष्य स्पष्ट है—ईरान को परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता हासिल करने से रोकना।

तेहरान में हमले, बढ़ता मानवीय संकट

ईरान की राजधानी तेहरान के दक्षिणी हिस्से में हुए हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत और 28 के घायल होने की खबर है। ईरान का दावा है कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक करीब 1500 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 18 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

इन आंकड़ों ने इस संघर्ष के मानवीय पहलू को और गंभीर बना दिया है।

मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ताकत का जमावड़ा

तनाव के बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी और मजबूत कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्षेत्र में पहले से मौजूद लगभग 50,000 अमेरिकी सैनिकों के अलावा 5000 मरीन और अतिरिक्त नौसैनिक संसाधन तैनात किए जा रहे हैं।

यह सैन्य तैयारी इस बात का संकेत है कि अमेरिका किसी भी संभावित स्थिति के लिए तैयार रहना चाहता है।

खाड़ी देशों की भूमिका और रणनीति

ट्रंप ने इस दौरान सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर की भी तारीफ की। उनके मुताबिक, ये देश लगातार हमलों के बावजूद क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच जारी यह टकराव अब एक बड़े भू-राजनीतिक संकट का रूप ले चुका है। जहां एक ओर समझौते की संभावनाओं की बात हो रही है, वहीं जमीनी स्तर पर हमले और सैन्य तैयारी जारी है।

आने वाले दिनों में यह तय होगा कि यह संघर्ष कूटनीतिक समाधान की ओर बढ़ता है या फिर और बड़े युद्ध में बदल जाता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।