
अमेरिका के Republican Senators ने मांग की है कि तालिबान (Taliban) को एक आतंकवादी संगठन घोषित किया जाए, इसके पीछे उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि अफगानिस्तान (Afghanistan) में कट्टरपंथी समूह के नेतृत्व वाली सरकार में कई कैबिनेट सदस्य हैं जो संयुक्त राष्ट्र (United Nations) द्वारा नामित आतंकवादी हैं।
सांसदों ने उन देशों के खिलाफ भी प्रतिबंध लगाने की मांग की है जो अफगानिस्तान में तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार को मान्यता देते हैं। सीनेटर मार्को रुबियो, टॉमी ट्यूबरविले, मूर कैपिटो, डैन सुलिवन, थॉम टिलिस और सिंथिया लुमिस ने आतंकवादी राज्यों की रोकथाम अधिनियम की शुरुआत की है।
यह विधेयक यदि कांग्रेस द्वारा पारित किया जाता है और कानून बनता है तो उनके खिलाफ भी प्रतिबंध लगेगा जो जानबूझकर तालिबान को सहायता प्रदान करते हैं, इसके लिेए छह महीने के भीतर अमेरिकी विदेश विभाग से एक रिपोर्ट की आवश्यकता होती है। जो ये निर्धारित करती है कि तालिबान को नामित किया जाना चाहिए या नहीं। कानून में अमेरिकी सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि करदाताओं का पैसा अफगानिस्तान में आतंकवादी संगठनों के पास नहीं जाता है।
आतंकवादियों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बना अफगानिस्तान
रुबियो ने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं है कि तालिबान नियंत्रित अफगानिस्तान हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा हितों और मध्य पूर्व और मध्य एशिया दोनों में हमारे सहयोगियों और भागीदारों के लिए एक सीधा खतरा है। अफगानिस्तान से बिडेन प्रशासन की सैन्य वापसी के बाद, यह देश अमेरिका से नफरत करने वाले आतंकवादियों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बन गया है। कांग्रेस को अमेरिकियों को सुरक्षित रखने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि तालिबान आतंकवादी घोषित किए जाने के मानदंडों को पूरा करता है, तालिबान ने हक्कानी नेटवर्क के नेता और अमेरिकी नागरिकों की हत्या के लिए एफबीआई द्वारा वांछित एक ज्ञात आतंकवादी सिराजुद्दीन हक्कानी को आंतरिक मंत्री के रूप में नियुक्त किया और आतंकवादी संगठनों को सरकार में शामिल किया है।
सांसदों ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका पर आतंकवादी हमले करने के उनके इतिहास, शासन की उनकी क्रूर शैली, अमेरिकियों और हमारे सहयोगियों के खिलाफ उनके द्वारा निरंतर अत्याचारों और अब उनकी बढ़ी हुई सैन्य क्षमता को देखते हुए उन पर एक्शन लेना जरूरी है। कई विश्व नेताओं ने कहा कि वे देखेंगे कि तालिबान अपने शासन को राजनयिक मान्यता देने से पहले एक समावेशी अफगान सरकार और मानवाधिकार जैसे मुद्दों पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से किए गए अपने वादों को पूरा करता है या नहीं।