पन्नू मामले में आरोपी निखिल गुप्ता के प्रत्यर्पण को मंजूरी, चेक रिपब्लिक अदालत ने सुनाया फैसला

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चेक रिपब्लिक कोर्ट ने 52 वर्षीय भारतीय निखिल गुप्ता के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है जिस पर अमेरिकी धरती पर खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नु की हत्या की कथित साजिश में शामिल होने का आरोप है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चेक न्याय मंत्रालय ने शुक्रवार को ये फैसले सुनाया। मामले में सभी संबंधित पक्षों को फैसला सुनाए जाने के बाद अंतिम निर्णय न्याय मंत्री पावेल ब्लेज़ेक के हाथों में छोड़ दिया गया।

निखिल गुप्ता के वकीलों की दलीलें?

चेक समाचार वेबसाइट सेजनाम जपरावी की रिपोर्ट के मुताबिक, निखिल गुप्ता के वकीलों ने अदालत में दलील दी है कि निखिल की गिरफ्तारी गलत पहचान की वजह से हुई है। वकील ने कहा कि निखिल गुप्ता की गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है। दिसंबर में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ भारतीय नागरिक की अपील के बावजूद प्राग हाईकोर्ट ने फैसले को बरकरार रखा है। न्याय मंत्रालय के प्रवक्ता ने संकेत दिया है कि अंतिम फैसला अब न्याय मंत्री पावेल ब्लेज़ेक के पास है। हालांकि न्याय मंत्री का फैसला कब आएगा इस पर कोई साफ जानकारी नहीं है।

हत्या की योजना का आरोप

निखिल गुप्ता के वकील ने चेक अदालत से प्रत्यर्पण को अधिकृत नहीं करने का अनुरोध किया है। पिछले साल दिसंबर में, फाइनेंशियल टाइम्स ने रिपोर्ट दी थी कि इस मामले में एक उच्च पदस्थ भारतीय अधिकारी शामिल था, जिसकी पहचान “सीसी-1” के रूप में की गई, इस पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया। अमेरिकी न्याय विभाग ने एक अभियोग में दावा किया कि सीसी-1 ने एन्क्रिप्टेड एप्लिकेशन के माध्यम से गुप्ता के साथ संवाद करके भारत में एक आपराधिक मामले को सुलझाने में गुप्ता की सहायता करने के बदले में हत्या की योजना बनाई।

अमेरिकी सरकार ने तर्क दिया कि निखिल के खिलाफ आरोपों का सबूत केवल तभी देगी, जब वह पेश होंगे और न्यूयॉर्क शहर की अदालत में उन पर मुकदमा चलाया जाएगा। हत्या के लिए एक गुप्त संघीय एजेंट को नियुक्त करने के लिए अज्ञात भारतीय सरकारी अधिकारी के साथ साजिश रचने के आरोपी गुप्ता पर गंभीर आरोप हैं, जिसके दोषी पाए जाने पर उन्हें 10 साल की जेल की सजा हो सकती है।

अमेरिका अदालत ने क्या सबूत दिए?

अमेरिकी अदालत में अभियोग से जुड़े दस्तावेजों में निखिल गुप्ता को साजिश से जोड़ने के लिए कम्युनिकेशन डिटेल साझा किया गया था। इसके साथ ही पैसे के लेन देने और ‘भाड़े के हत्यारे’ को पेशगी की रकम देते हुए कुछ तस्वीरें भी पेश की गई थीं। अमेरिका ने दावा किया है कि निखिल गुप्ता ने कथित तौर पर जिस ‘भाड़े के हत्यारे’ को पेशगी की रकम दी थी वह एक अंडरकवर अमेरिकी एजेंट था। निखिल गुप्ता के वकील ने पैसों की लेनदेन वाली तस्वीर को लेकर कहा कि वे तस्वीरें कुछ बयां नहीं करती है। यानी इसे सबूत के तौर पर पेश नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इस फोटो को कैसे भी क्लिक किया जा सकता है।

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