बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम और लंबे समय से प्रतीक्षित कदम उठाया गया है। केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) द्वारा बेला इंडस्ट्रियल एरिया में नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। यह विद्यालय शैक्षणिक सत्र 2026–27 से कार्य करना शुरू करेगा, जबकि इसका औपचारिक संचालन 1 अप्रैल 2026 से अस्थायी भवन में शुरू किए जाने की योजना है।
प्रशासनिक समन्वय से मिली रफ्तार
नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय और त्वरित निर्णयों का परिणाम मानी जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया में जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर श्री सुब्रत कुमार सेन और केंद्रीय विद्यालय संगठन, पटना संभाग के उपायुक्त श्री अनुराग भटनागर की भूमिका निर्णायक रही। दोनों अधिकारियों द्वारा समयबद्ध कार्रवाई और सतत निगरानी के चलते विद्यालय की स्थापना से जुड़ी औपचारिकताएं अपेक्षाकृत कम समय में पूरी हो सकीं।
नोडल अधिकारी ने साझा की जानकारी
इस परियोजना के नोडल अधिकारी एवं केंद्रीय विद्यालय एएफएस, बिहटा के प्राचार्य श्री शुभेंदु प्रियदर्शी ने बताया कि विद्यालय के संचालन को लेकर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं। उन्होंने कहा कि अस्थायी भवन में विद्यालय के सुचारू संचालन के लिए बुनियादी ढांचे, शिक्षण संसाधनों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चरणबद्ध तरीके से तैयार किया जा रहा है, ताकि छात्रों को शुरू से ही गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
स्थानीय शिक्षा अधिकारियों का योगदान
नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना में स्थानीय स्तर पर भी उल्लेखनीय सहयोग देखने को मिला है। केंद्रीय विद्यालय मुजफ्फरपुर के उपप्राचार्य श्री अशोक कुमार महतो और जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) मुजफ्फरपुर श्री अरविंद कुमार सिंहा ने जिला प्रशासन और KVS के बीच समन्वय स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी पहल से ज़मीनी स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं और सूचनाओं का आदान-प्रदान सुचारू रूप से संभव हो पाया।
छात्रों और अभिभावकों को मिलेगा लाभ
बेला इंडस्ट्रियल एरिया में केंद्रीय विद्यालय खुलने से न सिर्फ मुजफ्फरपुर शहर, बल्कि आसपास के ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों के छात्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा। केंद्रीय विद्यालय अपनी मानकीकृत शिक्षा प्रणाली, अनुभवी शिक्षकों और अखिल भारतीय स्तर की पाठ्यचर्या के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में इस विद्यालय के शुरू होने से क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
नया केंद्रीय विद्यालय न केवल एक शैक्षणिक संस्थान होगा, बल्कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्रीय शिक्षा विकास का केंद्र बनने की क्षमता भी रखता है।








