क्या बंगाल की राजनीति में होने वाला है कोई बड़ा बदलाव? CM ममता बनर्जी ने बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी से की मुलाकात

गौरतलब है कि बंगाल सीएम ने मार्शल के जरिए मिलने का संदेश भिजवाया था। इसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने मार्शल को बताया था कि वो अकेले मिलने नहीं बल्कि उनके साथ अन्य दो विधायक भी जाएंगे।

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WB Politics: क्या बंगाल की राजनीति में होने वाला है कोई बड़ा बदलाव? CM ममता बनर्जी ने बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी की मुलाकात
WB Politics: क्या बंगाल की राजनीति में होने वाला है कोई बड़ा बदलाव? CM ममता बनर्जी ने बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी की मुलाकात

WB Politics: पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल होती नजर आ रही है। जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक का सिलसिला करीब 8 से 10 मिनट तक चला। जानकारी के मुताबिक, मिलने के लिए सीएम ममता बनर्जी की तरफ से इस विषय में संदेश दिया गया। बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ ही विधायक मनोज तिग्गा और विधायक अग्निमित्र पॉल ने ममता के साथ विधानसभा में मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ये हम दोनों के बीच शिष्टाचार की मुलाकात है।

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WB Politics: Mamata Banerjee

गौरतलब है कि बंगाल सीएम ने मार्शल के जरिए मिलने का संदेश भिजवाया था। इसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने मार्शल को बताया था कि वो अकेले मिलने नहीं बल्कि उनके साथ अन्य दो विधायक भी जाएंगे। इसके कुछ समय बाद शुभेंदु और पार्टी के अन्य नेता मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। बता दें कि इससे पहले विपण के नेता डॉक्टर सीवी आनंद बोस के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में सीटों की व्यवस्था को लेकर शुभेंदु नाराज थे और वह समारोह में शामिल नहीं हुए थे। उन्होंने सीएम ममता बनर्जी को भारत में पैदा हुए अब तक के सबसे मनहूस राजनेता करार दिया था।

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WB Politics: अमित मालवीय ने कसा तंज

इस मुद्दें पर बीजेपी के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ममता बनर्जी का अहंकार धूल खा रहा है। उन्हें समझ में आ गया कि लोकतांत्रिक राजनीति में वे बीजेपी जैसे मजबूत विपक्ष को दरकिनार नहीं कर सकती। मुद्दों पर बीच का रास्ता निकालने के लिए वह झुकी और नंदीग्राम में उन्हें हराने वाले नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी और 3 अन्य बीजेपी विधायकों से मिलीं।

बता दें कि शुभेंदु अधिकारी ने शपथ ग्रहण समारोह से पहले कई ट्वीट कर नाराजगी जताई थी। उन्होंने लिखा था कि वह शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे क्योंकि उन्हें विधायक कृष्ण कल्याणी और बिस्वजीत दास के बगल में बैठाया गया था। जिन्होंने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा, जीते भी लेकिन बाद में टीएमसी में चले गए थे।

उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा कि एलओपी को जल्द ही अयोग्य ठहराए जाने वाले विधायकों कृष्णा कल्याणी और बिस्वजीत दास के बगल में बैठने के लिए बनाया गया है। दोनों बीजेपी के टिकट पर चुने गए और बाद में टीएमसी में शामिल हो गए, इसलिए उनके खिलाफ दलबदल विरोधी कार्यवाही कर रहे हैं। मैं समारोह में शामिल नहीं होऊंगा क्योंकि मेरे लिए ऐसे व्यक्तियों के बगल में बैठना नहीं है।

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