उत्तर प्रदेश (UP) में भीषण गर्मी के बीच बिजली की रिकॉर्ड मांग दर्ज की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश की बिजली व्यवस्था लगातार मजबूत बनी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ऊर्जा विभाग युद्धस्तर पर काम करते हुए प्रदेशवासियों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है।
प्रदेश के कई जिलों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। गर्मी के इस चरम दौर में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है, लेकिन सरकार का दावा है कि रोस्टर से अधिक बिजली आपूर्ति कर आम लोगों को राहत दी जा रही है।
ऊर्जा विभाग के अनुसार 26 मई को प्रदेश में 28,125 मेगावाट बिजली आपूर्ति की गई, जबकि 26 और 27 मई की रात 2:37 बजे रिकॉर्ड 30,337 मेगावाट बिजली सप्लाई दर्ज की गई। इसे उत्तर प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी बिजली आपूर्ति में से एक माना जा रहा है।
महानगरों से गांवों तक पहुंच रही बिजली
प्रदेश सरकार के मुताबिक जिला मुख्यालयों, महानगरों और तहसील क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी 22 से 22.30 घंटे तक लगातार बिजली दी जा रही है।
सरकार का कहना है कि लक्ष्य सिर्फ बिजली उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि हर गांव, हर शहर और हर घर तक निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके और दैनिक जीवन प्रभावित न हो।
रिकॉर्ड मांग के बावजूद व्यवस्था नहीं हुई प्रभावित
ऊर्जा विभाग के आंकड़े बताते हैं कि बिजली मांग लगातार बढ़ने के बावजूद व्यवस्था संतुलित बनी रही।
- 26 मई रात 7:52 बजे – 28,125 मेगावाट सप्लाई
- रात 10 बजे – 27,515 मेगावाट
- रात 12 बजे – 26,984 मेगावाट
- 27 मई रात 1 बजे – 28,043 मेगावाट
- रात 2:37 बजे – रिकॉर्ड 30,337 मेगावाट
इसके अलावा 27 मई की सुबह और दोपहर में भी बिजली आपूर्ति लगातार ऊंचे स्तर पर बनी रही।
- सुबह 5 बजे – 29,321 मेगावाट
- सुबह 7 बजे – 24,738 मेगावाट
- सुबह 10 बजे – 26,604 मेगावाट
- दोपहर 2 बजे – 28,790 मेगावाट
इन आंकड़ों को सरकार अपनी बिजली प्रबंधन क्षमता और बेहतर मॉनिटरिंग का परिणाम बता रही है।
आंधी-तूफान के बाद भी तेजी से बहाल हुई व्यवस्था
25 और 26 मई की रात आए तेज आंधी-तूफान ने कई जिलों की बिजली व्यवस्था को प्रभावित किया था। कई स्थानों पर तार टूटने और फॉल्ट आने की घटनाएं सामने आईं।
हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद बिजली विभाग की टीमें तत्काल फील्ड में उतरीं और युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया गया। विभाग का कहना है कि अधिकांश क्षेत्रों में कुछ ही घंटों के भीतर आपूर्ति बहाल कर दी गई।
‘उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देना प्राथमिकता’
निदेशक वितरण ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने कहा कि विभाग का प्रयास है कि उपभोक्ताओं को रोस्टर से अधिक और बिना रुकावट बिजली उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने बताया कि ऊर्जा विभाग की टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं और बिजली व्यवस्था की मॉनिटरिंग उच्च स्तर पर की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रिकॉर्ड बिजली मांग के बीच व्यवस्था को स्थिर बनाए रखना सरकार और ऊर्जा विभाग के लिए बड़ी चुनौती थी, जिसे फिलहाल सफलतापूर्वक संभाला गया है।









