उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में एक बार फिर बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आगामी 12 जुलाई को पूरे प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस राज्यव्यापी पौधरोपण महाभियान को जनसहभागिता के साथ उत्सव के रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसमें सरकारी विभागों के साथ जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, शैक्षणिक संस्थान और आम नागरिक भी भाग लेंगे।
इस अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए वन मुख्यालय स्थित पारिजात सभागार में वन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने विभिन्न विभागों के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल संख्या तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पौधों की सुरक्षा और संरक्षण पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाएगा।
विभागों को सौंपे गए लक्ष्य
महाभियान के तहत वन विभाग सबसे अधिक 15.50 करोड़ पौधे लगाएगा। इसके अलावा ग्राम्य विकास विभाग को 10 करोड़, कृषि विभाग को 3.25 करोड़, उद्यान विभाग को 1.50 करोड़ तथा पंचायती राज विभाग को 1.22 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे भी लगभग 5.50 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
सरकार इस वर्ष समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन और कपि वन जैसी विशेष अवधारणाओं पर आधारित नए वन क्षेत्रों का भी विकास करेगी।
पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष अभियान
वन मंत्री ने बताया कि पौधरोपण महाभियान के साथ ‘मिशन छाया’, ‘अविरल धारा पौधरोपण’, ‘सहजन भंडारा’ और ‘आम भंडारा’ जैसे कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। मिशन छाया के तहत सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर अधिक से अधिक छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे ताकि गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सके।
इसके अलावा आगामी महीनों में भी विशेष अभियान जारी रहेंगे। 15 अगस्त को ‘वंदे मातरम् वाटिका’, रक्षाबंधन (28 अगस्त) पर ‘भाई-बहन पौधरोपण’ और 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान चलाया जाएगा।
57 करोड़ से अधिक पौधे तैयार
वन विभाग ने जानकारी दी कि प्रदेश की करीब 2,000 नर्सरियों में 57.62 करोड़ से अधिक पौधे तैयार किए गए हैं। इन पौधों का वितरण विभिन्न विभागों और संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा, ताकि पौधरोपण अभियान समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पूरा हो सके।
बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पशुधन मंत्री डॉ. धर्मपाल सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, उद्यान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह, माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, वन राज्यमंत्री के.पी. मलिक, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने पौधों की गुणवत्ता, सिंचाई, सुरक्षा और जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।









