UP News: उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को देश के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार नई पहल कर रही है। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर स्थित तथागत बुद्ध विहार को आधुनिक सुविधाओं से लैस बौद्ध आस्था और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। करीब 75 लाख रुपये की लागत वाली इस परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना पूर्ण होने के बाद यह स्थल देश-विदेश से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगा।
उत्तर प्रदेश में बीते तीन वर्षों के दौरान बौद्ध पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में जहां 47 लाख से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक बौद्ध स्थलों पर पहुंचे थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 61 लाख और वर्ष 2025 में 81 लाख से अधिक हो गई। लगातार बढ़ रही इस संख्या को देखते हुए राज्य सरकार बौद्ध पर्यटन से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा बुद्ध विहार
तथागत बुद्ध विहार परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आधुनिक भवन, विशाल सभा हॉल, डॉर्मिटरी (विश्राम गृह), स्वच्छ शौचालय, बेहतर अप्रोच रोड और भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण कराया जा रहा है। परिसर को इस प्रकार विकसित किया जा रहा है कि यहां आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित, स्वच्छ और शांत वातावरण मिल सके।
विशेष रूप से तैयार की जा रही डॉर्मिटरी से दूर-दराज के राज्यों और विदेशों से आने वाले बौद्ध अनुयायियों को ठहरने की सुविधा मिलेगी। वहीं सभा हॉल में धार्मिक प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बौद्ध संगोष्ठियां और आध्यात्मिक आयोजनों का आयोजन किया जा सकेगा।
लखनऊ को मिलेगी बौद्ध पर्यटन की नई पहचान
परियोजना पूरी होने के बाद तथागत बुद्ध विहार राजधानी लखनऊ के प्रमुख बौद्ध पर्यटन स्थलों में शामिल हो जाएगा। इससे न केवल प्रदेश के बौद्ध पर्यटन सर्किट को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार, होटल व्यवसाय, परिवहन और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलने से देश-विदेश के अधिक पर्यटक लखनऊ का रुख करेंगे।
सरकार का फोकस धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन पर
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश बौद्ध पर्यटन के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के बौद्ध स्थलों पर देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति लोगों के विश्वास को दर्शाती है। इसी कारण सरकार प्रमुख बौद्ध स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने का कार्य तेजी से कर रही है।
उन्होंने कहा कि तथागत बुद्ध विहार का विकास केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक बौद्ध पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर आवास, सुरक्षित वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
बौद्ध सर्किट होगा और मजबूत
सरकार का लक्ष्य बौद्ध सर्किट को विश्वस्तरीय सुविधाओं से जोड़ते हुए प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति देना है। इसी सोच के तहत गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्य कराया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण पूरा होने के बाद तथागत बुद्ध विहार बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र बनने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा देगा।









