उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में राज्य के 12 प्रधानाचार्यों एवं प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया। स्वच्छ एवं हरित विद्यालय योजना के तहत स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, बेहतर शौचालय व्यवस्था, हाथ धुलाई की सुविधाएं और विद्यालय परिसर के प्रभावी रखरखाव जैसे मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन विद्यालयों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में स्वच्छ और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने वाले शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण बच्चों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
बच्चों के मॉडल देख की सराहना
कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच पर जाने से पहले परिषदीय विद्यालयों के बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनके नाम पूछे, विभिन्न मॉडलों की जानकारी ली और उनकी रचनात्मक सोच की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें चॉकलेट भेंट कर प्रोत्साहित किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि निपुण भारत अभियान के सकारात्मक परिणाम अब विद्यालयों में दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने बताया कि प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थी भाषा और गणित जैसे विषयों में बेहतर दक्षता हासिल कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन का उल्लेख किया, जिसके तहत प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता के अनुरूप दक्ष और आत्मविश्वासी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
शिक्षा विभाग और SBI के बीच हुआ समझौता
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की मौजूदगी में सामाजिक सुरक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण समझौते (एमओयू) का भी आदान-प्रदान हुआ। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा तथा भारतीय स्टेट बैंक, लखनऊ सर्किल के मुख्य महाप्रबंधक दीपेश राज ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा विभाग से जुड़े हितधारकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का अधिक प्रभावी लाभ उपलब्ध कराना है।









