शाकम्भरी देवी खोल हादसे पर सीएम योगी सख्त, पीड़ितों को मुआवजा देने और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के दिए निर्देश

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर स्थित मां शाकम्भरी देवी खोल में अचानक आए जलप्रवाह से हुई दुर्घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सोमवार को अपने सहारनपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा भूरा देव मंदिर और मां शाकम्भरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया।

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में हुई जनहानि और आर्थिक नुकसान की विस्तृत जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि जिन दुकानदारों और स्थानीय लोगों को नुकसान हुआ है, उनका आकलन कर नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था सुचारु बनाए रखने पर भी जोर दिया, ताकि किसी को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार और जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दुर्घटना और राहत कार्यों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों के परिजनों को निर्धारित आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन से जुड़े कदमों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को अतिरिक्त श्रमिक लगाकर कार्य में तेजी लाने और शारदीय नवरात्रि तक परियोजना पूरी करने का प्रयास करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में दिसंबर तक निर्माण कार्य पूरा होना चाहिए। उन्होंने गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सुनिश्चित करने पर बल दिया।

श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने पुल निर्माण पूरा होने तक वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था विकसित करने तथा खोल के चैनलाइजेशन का कार्य कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा भूरा देव मंदिर के निकट पार्किंग सुविधा विकसित करने और जलभराव की स्थिति में सुरक्षा बढ़ाने के लिए खोल के दोनों किनारों पर बोल्डर लगाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन आधुनिक तकनीक और समय पर चेतावनी तंत्र के माध्यम से जनहानि और आर्थिक नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को आपदा की स्थिति में त्वरित सूचना और राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।