CJP Protest: शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जारी आंदोलन में नया राजनीतिक मोड़ देखने को मिला है। सामाजिक संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि उनकी टीम के सदस्यों को हिरासत में लिया जा सकता है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि यदि ऐसी कार्रवाई होती है तो भी आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखा जाए।
दीपके ने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार संगठन के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की संभावना है। हालांकि, उन्होंने इस संबंध में कोई आधिकारिक दस्तावेज या सरकारी पुष्टि साझा नहीं की। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है, ऐसे में गिरफ्तारी की जरूरत समझ से परे है।
‘गिरफ्तारी हुई तो आंदोलन और मजबूत होगा’
अभिजीत दीपके ने दावा किया कि उनकी टीम महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर संविधान के दायरे में रहकर आंदोलन कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होती है तो इससे आंदोलन कमजोर नहीं, बल्कि और व्यापक हो सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सोनम वांगचुक को धरना स्थल से हटाए जाने के बाद आंदोलन को और समर्थन मिला। साथ ही, प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई ने इस मुद्दे को देशभर में चर्चा का विषय बना दिया।
दीपके ने अपने समर्थकों से अपील की कि यदि संगठन के पदाधिकारियों या कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जाता है तो आंदोलन की जिम्मेदारी देशभर के समर्थक संभालें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विरोध पूरी तरह अहिंसक और संवैधानिक दायरे में होना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले लोगों का संगठन से कोई संबंध नहीं होगा।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई
CJP संस्थापक ने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहा धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती।
सोनम वांगचुक ने बताई अनशन खत्म करने की वजह
इस बीच, आंदोलन का चेहरा रहे सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने के फैसले को लेकर कहा कि उन्हें विभिन्न पक्षों से यह भरोसा मिला है कि संसद में परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
उन्होंने कहा कि उन्हें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर कोई निश्चित आश्वासन नहीं मिला, लेकिन हजारों लोगों ने उनसे आग्रह किया कि आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए उनका जीवित रहना अधिक जरूरी है।
वांगचुक ने कहा कि आंदोलन के दौरान उनकी सबसे बड़ी चिंता छात्रों और युवाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई को रोकना थी। उनके अनुसार, उन्हें यह भरोसा मिला है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही के मुद्दे पर संसद में व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है।









