UP News: सहारनपुर मंडल में पर्यटन विकास को मिलेगी नई रफ्तार, 22 करोड़ की 14 परियोजनाओं पर मंथन

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UP News: उत्तर प्रदेश सरकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को सहारनपुर मंडल की प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन पर्यटन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास की कार्ययोजना पर विस्तार से मंथन किया गया। सरकार का उद्देश्य इन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करना है।

बैठक में पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

22 करोड़ रुपये की 14 पर्यटन परियोजनाओं पर सरकार का फोकस

वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत पर्यटन विभाग के 14 प्रस्तावों की समीक्षा की गई। इनमें सहारनपुर के 8, मुजफ्फरनगर के 5 और शामली का 1 प्रस्ताव शामिल है। इन योजनाओं की अनुमानित लागत लगभग 22 करोड़ रुपये है।

इन परियोजनाओं के तहत मंदिर परिसरों और धार्मिक स्थलों पर बहुउद्देशीय हॉल, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सुलभ प्रसाधन, पेयजल सुविधा, साइनेज विद क्यूआर कोड, यात्री बेंच और आकर्षक लैंडस्केपिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक स्थलों का स्वरूप बदलेगा और स्थानीय पर्यटन को नई गति मिलेगी।

सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के प्रमुख धार्मिक स्थलों का होगा कायाकल्प

समीक्षा बैठक में सहारनपुर जिले के संत शिरोमणि रविदास मंदिर, वाल्मीकि मंदिर, संत रविदास स्थल, ठाकुरद्वारा मंदिर, श्री सतगुरु समनदास स्थल और देवबंद के प्राचीन सदाशिव महादेव मंदिर के विकास प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। सदाशिव महादेव मंदिर परियोजना को पहले ही लगभग 1.61 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है।

वहीं, मुजफ्फरनगर जिले में शिव मंदिर, बाबा हरिदास मंदिर, सिद्धपीठ संत रविदास मंदिर, गो माता मंदिर और शुकतीर्थ धाम के पर्यटन विकास को प्राथमिकता दी गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करना है।

शामली के प्राचीन पृथ्वी वाला मंदिर को मिलेगा नया स्वरूप

बैठक में शामली जिले के ग्राम आदमपुर स्थित प्राचीन पृथ्वी वाला मंदिर के पर्यटन विकास प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई। योजना के तहत मंदिर परिसर में आधुनिक सुविधाएं विकसित कर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए अधिक सुविधाजनक वातावरण तैयार किया जाएगा। इससे क्षेत्रीय पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

सात प्राचीन शिव मंदिरों के संरक्षण की योजना

धर्मार्थ कार्य विभाग ने सहारनपुर के पुवारका, खजुरी अकबरपुर, सकलापुरी, दीनारपुर, चुनहटी शेख, भाऊपुर और तेरीपुरा स्थित सात प्राचीन शिव मंदिरों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया। करीब 1.84 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं का उद्देश्य धार्मिक धरोहरों का संरक्षण और धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करना है।

शुकतीर्थ धाम को बनाया जा रहा पश्चिमी UP का प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र

बैठक में मुजफ्फरनगर के शुकतीर्थ धाम में चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा हुई। यहां लगभग 21.24 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटक सुविधा केंद्र, 6.44 करोड़ रुपये से म्यूरल एवं साइनेज, 19.91 करोड़ रुपये से गंगा घाट का पुनर्विकास, 4.80 करोड़ रुपये से श्रीमद्भागवत कथा केंद्र तथा 12.68 करोड़ रुपये की लागत से साउंड, लाइट एवं लेजर शो विकसित किया जा रहा है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमित स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।