‘जल सारथी’ ऐप से जल जीवन मिशन में आई पारदर्शिता, गांव-गांव तक पहुंच रहा लाइव अपडेट

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उत्तर प्रदेश सरकार जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के अभियान को तकनीक और पारदर्शिता से जोड़ते हुए नई मिसाल पेश कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई डिजिटल पहल ‘जल सारथी’ मोबाइल ऐप अब ग्रामीणों के लिए योजनाओं की निगरानी और शिकायत निवारण का महत्वपूर्ण माध्यम बनती जा रही है। उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की इस पहल से गांवों में चल रही पेयजल परियोजनाओं की लाइव जानकारी अब सीधे लोगों के मोबाइल तक पहुंच रही है।

विशेष सचिव एवं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एसडब्ल्यूएसडी, नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग प्रभास कुमार के अनुसार, जल सारथी ऐप के जरिए आम नागरिक अब अपने गांव में चल रही जल परियोजनाओं की स्थिति रियल टाइम में देख सकते हैं। राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक तैयार मल्टी-लेवल डैशबोर्ड के माध्यम से पानी की टंकी, पाइपलाइन, घरेलू नल कनेक्शन और अन्य कार्यों की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो रही है।

प्रदेश में लगभग 58 हजार ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन के तहत करीब 40 हजार परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन सभी परियोजनाओं को ऐप के माध्यम से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जा रहा है। जैसे ही किसी गांव में पाइपलाइन बिछाने, टंकी निर्माण या नल कनेक्शन का कार्य पूरा होता है, उसकी जानकारी ऐप पर अपडेट कर दी जाती है। जियो टैगिंग तकनीक के जरिए हर परियोजना को डिजिटल मानचित्र से जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और निगरानी दोनों मजबूत हुई हैं।

ग्रामीणों को मिली शिकायत और आवेदन की सुविधा

जल सारथी ऐप केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों के लिए एक सुविधाजनक सेवा मंच भी बन चुका है। अब लोग घर बैठे नल कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं और जलापूर्ति से जुड़ी शिकायतें भी ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। ऐप पर ग्राम प्रधान, प्लंबर और जल निगम अधिकारियों के संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें।

सरकार का दावा है कि इस डिजिटल व्यवस्था से शिकायतों के निस्तारण में तेजी आई है और योजनाओं की जवाबदेही भी बढ़ी है। ऐप के जरिए सड़क मरम्मत की स्थिति भी ट्रैक की जा रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार पाइपलाइन बिछाने के दौरान लगभग 2 लाख किलोमीटर सड़कों को तोड़ा गया था, जिनमें से 1.94 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों की मरम्मत पूरी की जा चुकी है।

पानी की गुणवत्ता पर भी विशेष फोकस

ग्रामीण क्षेत्रों में केवल जलापूर्ति ही नहीं, बल्कि स्वच्छ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराना भी बड़ी चुनौती माना जाता है। इसके लिए सरकार ने ग्राम स्तर पर महिलाओं को फील्ड टेस्ट किट देकर पानी की गुणवत्ता जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। इन महिलाओं की जानकारी भी ऐप पर उपलब्ध कराई गई है, जिससे ग्रामीण स्वयं उनकी पुष्टि कर सकते हैं और निगरानी में भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जल सारथी ऐप ग्रामीण जल प्रबंधन में तकनीक आधारित पारदर्शिता का बड़ा उदाहरण बन सकता है। इससे न केवल परियोजनाओं की मॉनिटरिंग आसान हुई है, बल्कि ग्रामीणों की भागीदारी भी बढ़ी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सरकार गांवों तक जवाबदेही और पारदर्शिता पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

योगी सरकार की यह पहल “हर घर जल” अभियान को केवल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना तक सीमित नहीं रखती, बल्कि इसे डिजिटल गवर्नेंस और जनसहभागिता का मॉडल बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।