UP News: रोजगार मेले में 10,283 युवाओं को मिली नौकरी, 830 कंपनियों ने दिया रोजगार का मौका

0
0

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को कौशल आधारित रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM), दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) और राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के संयुक्त तत्वावधान में 13 से 15 जुलाई तक आयोजित राज्यव्यापी रोजगार मेले में 10,283 युवाओं का विभिन्न कंपनियों में चयन किया गया।

तीन दिनों तक चले इस अभियान में प्रदेश के सभी 75 जिलों के युवाओं ने भाग लिया। रोजगार मेले में देश-विदेश की 830 प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सा लिया और विभिन्न क्षेत्रों में योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर प्रदान किए।

कौशल विकास से रोजगार तक का सफर

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में करीब 20 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से 12.50 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि कौशल आधारित प्रशिक्षण और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए गए पाठ्यक्रम युवाओं को रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं।

तीन चरणों में चला राज्यव्यापी अभियान

रोजगार मेले का पहला चरण 13 जुलाई को प्रदेश के 9 जिलों में आयोजित हुआ। इस दौरान 107 कंपनियों ने भाग लिया और 1,071 युवाओं का चयन किया गया। पहले दिन देवरिया सबसे आगे रहा, जहां 303 अभ्यर्थियों को नौकरी मिली।

दूसरे चरण में 14 जुलाई को प्रदेश के 63 जिलों में एक साथ रोजगार मेले आयोजित किए गए। यह अभियान का सबसे बड़ा चरण रहा, जिसमें 689 कंपनियों ने भाग लिया और 8,912 युवाओं का चयन किया गया। इस चरण में प्रयागराज ने सर्वाधिक प्रदर्शन करते हुए 1,185 युवाओं को रोजगार दिलाया। वहीं वाराणसी में 674 और गोरखपुर में 317 अभ्यर्थियों का चयन हुआ।

अभियान का अंतिम चरण 15 जुलाई, यानी विश्व युवा कौशल दिवस पर आयोजित किया गया। अमेठी, पीलीभीत और इटावा में हुए रोजगार मेलों में 34 कंपनियों ने भाग लिया और 300 युवाओं को नियुक्ति मिली। इनमें पीलीभीत के 138 युवाओं का चयन उल्लेखनीय रहा।

रोजगार और उद्योगों के बीच मजबूत हो रहा सेतु

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के राज्यव्यापी रोजगार मेले युवाओं और उद्योगों के बीच प्रभावी कड़ी का काम कर रहे हैं। इससे एक ओर कंपनियों को प्रशिक्षित मानव संसाधन मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

प्रदेश सरकार का उद्देश्य कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की जरूरतों से जोड़कर अधिक से अधिक युवाओं को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना और उत्तर प्रदेश को कुशल मानव संसाधन का मजबूत केंद्र बनाना है।