Gyanvapi-Mathura Case: इन दिनों उत्तर प्रदेश में मंदिर- मस्जिद का मामला काफी चर्चा में है। वाराणसी से लेकर मथुरा तक मंदिर- मस्जिद का विवाद आग की तरह प्रदेश में सुलग रहा है। मथुरा की ईदगाह मस्जिद केस पर आज कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। आज कोर्ट में मथुरा कृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट ने जमीन पर अपना हक बताते हुए जमीन के कागज पेश किए हैं।
वहीं दूसरी ओर ज्ञानवापी मस्जिद केस पर भी आज सुनवाई पूरी हो चुकी हैं। आज कोर्ट में मुस्लिम पक्ष को अपनी बात रखने का पूरा समय दिया गया। मुस्लिम पक्ष ने दो घटों का समय लेकर अपनी बात जज के सामने कहीं जिस पर कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई करने का फैसला किया है।

Gyanvapi-Mathura Case: दो घंटो तक कोर्ट में मुस्लिम पक्ष ने अपनी दलीलें पेश की
आज ज्ञानवापी मामले पर कोर्ट में सुनवाई की गई कोर्ट में पहले मुस्लिम पक्ष ने अपनी दलीलें रखी करीब 2 घंटों तक मुस्लीम पक्ष के वकील ने केस को लेकर तमाम दलीलें कोर्ट के सामने रखी। कोर्ट ने सभी दलीलों को सुनकर सोमवार को अगली सुनवाई करने का आदेश दिया है।
Gyanvapi-Mathura Case: ज्ञानवापी मामले पर कोर्ट में सुनवाई शुरू
आज ज्ञानवापी मामले की कोर्ट में सुनवाई जारी है। केस को लेकर मुस्लिम पक्ष के वकील पहले अपनी बात को रख रहे हैं। मुस्लिम पक्ष से वकील अभय यादव दलीलें पेश कर रहे हैं।
Gyanvapi-Mathura Case: सुनवाई के समय कोर्ट में रहेंगे 36 लोग
ज्ञानवापी केस की सुनवाई के समय दोनों पक्षों की ओर से पक्षकार व अधिवक्तागण ही कोर्ट में मौजूद रहेंगे । जिसमें कुल मिलाकर 36 लोग उपस्थित होंगे।
Gyanvapi-Mathura Case: ईदगाह मस्जिद केस पर आज हुई सुनवाई
मथुरा के कृष्ण जन्म भूमि और ईदगाह मस्जिद के मामले पर आज सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई है। यहां कृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट की ओर से 13.37 एकड़ भूमि जिसमें ईदगाह भी शामिल है। उस पर हक जताते हुए कोर्ट में कागज दिखाए गए हैं। वहीं अन्य पक्षकारों द्वारा उन्हें रिवीजन स्वीकार करने का आदेश देने के लिए इसकी कॉपी मांगी गई है।

इस मामले के अधिवक्ता गोपाल खंडेलवाल का कहना है कि रिवीजन स्वीकार होने के बाद अन्य पक्षकारों द्वारा कोर्ट से इसकी कॉपी मांगी गई है जिसे कोर्ट ने उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए हैं। वहीं कृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट के वकील मुकेश खंडेलवाल का कहना है कि आज उन्होंने कोर्ट में 13.37 एकड़ भूमि जिसका मालिकाना हक श्री कृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट के नाम है जिसके खसरा खतौनी और नगर निगम के डॉक्यूमेंट कोर्ट में पेश किए गए हैं।
उनका कहना है कोर्ट ने कागज को अपने पास सुरक्षित रख लिया है अब इस मामले की अगली तारीख अभी तय नहीं की गई है।
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