
हमने एक बहुत ही प्रगतिशील स्टार्ट-अप नीति (Start-Up Policy) और एक फिल्म नीति (Film Policy) बनाई है, जिसे एक महीने के भीतर शुरू किया जाएगा जो दिल्ली की एक नई पहचान बनाएगा और शहर के प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाएगा। यह नीति नौकरी के अवसर पैदा करेगा और लोगों के जीवन स्तर में सुधार करेगा। शहर की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी तो इससे लोगों को फायदा। ये बाते दिल्ली उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने एसोचैम वेबिनार में कहा।
9 से 12वीं के छात्रों को उद्यमी बनने के लिए करेंगे प्रोत्साहित
उन्होंने कहा, दिल्ली सरकार ने कक्षा 9-12 के छात्रों के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत छात्रों को उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित करने और विकसित करने के लिए एक नया विषय यानी ‘एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम’ पेश किया गया है। “इस कार्यक्रम के तहत हम छात्रों को व्यावसायिक विचारों को विकसित करने के लिए और इसका उपयोग करने के लिए 2,000 रुपये की राशि प्रदान करेंगे। हम उन्हें आगे समर्थन और प्रशिक्षण देने के लिए उद्योग जगत से भी संपर्क करेंगे।”
छात्रों को 60 करोड़ रुपये बीज राशि देगी सरकार
उन्होंने कहा, “हमने दिल्ली के 11-12वीं कक्षा के 3 लाख छात्रों को चुना है, इनमें से लगभग 90 प्रतिशत छात्रों ने पहले ही 51,000 टीमें बना ली हैं और सरकार उन्हें 60 करोड़ रुपये की बीज राशि प्रदान कर रही है। यह पूरे कारोबारी जगत के लिए एक बहुत बड़ा अवसर है। डिप्टी सीएम ने कहा, दिल्ली सरकार ने शहर के विकास और अपने लोगों की जीवन शैली में सुधार के लिए एक खाका तैयार किया है और भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्षों को चिह्नित करते हुए अगले 25 वर्षों में इसे हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
ई-वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाएगी दिल्ली सरकार
उन्होंने यह भी कहा कि रोजगार सृजन के लिए दिल्ली सरकार शहर को व्यापार सेवाओं, विशेष रूप से आईटी सेवाओं के लिए एक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। हम नए युग के उद्यमियों, व्यवसायियों को आमंत्रित करने की योजना बना रहे हैं, हम प्रदूषण फैलाने वाले उत्पादन उद्योग स्थापित नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, दिल्ली में एक बहुत ही प्रगतिशील इलेक्ट्रिक वाहन नीति है, पिछले सप्ताह इसकी समीक्षा के दौरान कहा गया, इतने सारे ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जबकि केवल 10 प्रतिशत का उपयोग किया जा रहा है। लेकिन हम निवेश के स्तर पर हैं न कि कमाई के। इसलिए, हमें इसका मूल्यांकन नहीं करना चाहिए, आगे जाकर जब ई-वाहनों के उपयोग में वृद्धि होगी तो स्वाभाविक रूप से हम उनके उपयोग में वृद्धि देखेंगे। हमारा लक्ष्य शहर में ई-वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाने का है।
कोरोना ने छिन ली औरतों की आजीविका
दिल्ली के सामने कोविड के बाद की चुनौतियों को लेकर सिसोदिया ने कहा, “कोविड ने हमारी अर्थव्यवस्था, लोगों के जीवन और आजीविका को प्रभावित किया है। यहां तक कि दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय, जो 2019 में 3.76 लाख रुपये थी, घटकर कोविड वर्ष में 3.54 लाख रुपये हो गई। निम्न-आय वर्ग पर इसका काफी प्रभाव पड़ा है। दिल्ली के डिप्टी सीएम ने कहा, कोविड ने लोगों की आजीविका, विशेषकर महिलाओं की आजीविका छीन ली है और हमें इन पहलुओं पर काम करने की आवश्यकता है। सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने और स्थानीय व्यवसायों और नौकरी के अवसरों में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए आंगनवाड़ी, सहेली समन्वय केंद्र जैसी विभिन्न पहलों पर काम कर रही है।
प्रदूषण के लिए पिछली सरकारें हैं जिम्मेदार
उन्होंने कहा, पिछली दिल्ली शासन में दूरदर्शी नेतृत्व की कमी ने शहर की प्रगति और विकास की गति को बाधित किया, चाहे वह प्रदूषण के स्तर, परिवहन, व्यापार के अवसरों, महिला सुरक्षा और अन्य से संबंधित मुद्दे हों। हम एक साथ विभिन्न पहलुओं पर काम कर रहे हैं, अर्थव्यवस्था, रोजगार, व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में। अगर पिछली सरकारों ने अतीत में प्रदूषण के मानदंडों को और सख्त कर दिया होता, तो हम यह सब नहीं झेलते।
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