मनी लांड्रिंग केस में फंसे मंत्री सत्‍येंद्र जैन की जमानत याचिका पर सुनवाई, ED ने कोर्ट में जवाब दाखिल किया

ED: ईडी अधिकारियों के अनुसार सत्‍येंद्र जैन ने वर्ष 2018 में आयकर विभाग को लिखे पत्र का हवाला देते हुए कहा कि जैन ने बकाया आयकर के 20 फीसदी के भुगतन के लिए अंकुश जैन और वैभव जैन की कंपनी और उनके खाते से जमा करवाने का आवेदन दिया था।

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ED: दिल्‍ली सरकार में मंत्री सत्‍येंद्र जैन की जमानत याचिका पर बीते गुरुवार को सुनवाई हुई।मनी लांड्रिंग केस मेंआरोपी सत्‍येंद्र जैन के मामले की सुनवाई दिल्‍ली के राउज एवेन्‍यू कोर्ट में हुई। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालयल यानी ईडी ने अदालत में जवाब दाखिल किए।प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी.राजू ने जवाब पेश किया। उन्‍होंने अदालत को बताया कि यह मामला सत्‍येंद्र जैन के कंपनी के शेयरधारक होने या लाभदायक होने के लिए नहीं बल्कि कंपनी को नियंत्रित करने और 16 करोड़ रुपये के बेनामी ट्रांसेक्शन को लेकर है।

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ED:साक्ष्‍यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका

ईडी अधिकारियों के अनुसार सत्‍येंद्र जैन ने वर्ष 2018 में आयकर विभाग को लिखे पत्र का हवाला देते हुए कहा कि जैन ने बकाया आयकर के 20 फीसदी के भुगतन के लिए अंकुश जैन और वैभव जैन की कंपनी और उनके खाते से जमा करवाने का आवेदन दिया था। ईडी ने अदालत से अपील करते हुए कहा कि सत्‍येंद्र जैन अपनी पहुंच का इस्‍तेमाल कर साक्ष्‍यों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। ऐसे में उन्‍हें जमानत दिए जाने का मतलब ही नहीं बनता।कोर्ट ने अब इस मामले में अगली तारीख 13 सितंबर को मुकर्रर की है।

ED: जानिए क्‍या है पूरा मामला ?

सीबीआई द्वारा एक एफआईआर के आधार पर मनी लांड्रिंग के मामले में ईडी ने मामले की जांच शुरू की।उन्‍हें 30 मई को गिरफ्तार कर लिया गया।आरोप लगाया कि सत्‍येंद्र जैन ने 14 फरवरी 2015 से 31 मई 2017 की अवधि के दौरान दिल्‍ली सरकार में एक मंत्री के रूप में पदभार संभाल।इस दौरान उन्‍होंने अपनी आय के ज्ञात स्‍त्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की।

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