CJI:भारत के 50वें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया का पदभार संभालने के बाद बुधवार को न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता देश के नागरिक होंगे।शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ मीडिया से बातचीत में बोले कि “हमारे काम को हमारे लिए बोलने दें। कृपया कुछ समय प्रतीक्षा करें और देखें।”
इस दौरान न्यायिक सुधारों के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों के हित को प्राथमिकता दी जाएगी।इसके साथ ही साथ सर्वोच्च न्यायालय, रजिस्ट्री और तकनीकी स्तर समेत अन्य मसलों पर कार्य होगा।मालूम हो कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में न्यायमूर्ति डीवाई. चंद्रचूड़ को सीजेआई पद की शपथ दिलवाई।शपथ लेने के तुरंत बाद सीजेआई चंद्रचूड़ ने अपनी मां के पैर भी छुए।

CJI: जानिए वरिष्ठ वकील से लेकर सीजेआई बनने तक का सफरनामा
CJI: दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इकोनोमिक्स में ऑनर्स करने वाले चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने डीयू के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की उपाधि प्राप्त की।उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में हार्वर्ड लॉ स्कूल से LLM और न्यायिक विज्ञान (SJD) में डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त की है।
वर्ष 1998 में बॉम्बे हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील के रूप में नियुक्त किया गया था।
1998 में, उन्हें भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद मार्च, 2000 में उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया। इसके तीन साल बाद जस्टिस चंद्रचूड़ को इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद मई, 2016 में इन्हें सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति मिली थी।
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