Anil Deshmukh Bail: महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को जमानत दे दी है। उन्हें यह जमानत मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मिली है। मालूम हो कि ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अनिल देशमुख को पिछले साल 2 नवंबर को गिरफ्तार किया था। देशमुख को जमानत 1 लाख के मुचलके पर मिली है। हालांकि अभी भी उनके जेल में ही रहने की बात कही जा रही है, क्योंकि सीबीआई ने जिस केस में अनिल देशमुख पर मामला दर्ज किया था, उसमें उन्हें अभी जमानत नहीं मिली है।

Anil Deshmukh Bail: महीनों से लंबित थी जमानत याचिका
अनिल देशमुख ने इस साल की शुरुआत में विशेष पीएमएलए अदालत में अपनी जमानत की याचिका दायर की। यहां से उनकी जमानत अर्जी खारिज होने के बाद देशमुख ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया। बता दें कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी अनिल देशमुख को जमानत नहीं दी। इस बीच उनकी जमानत याचिका लगभग 8 महीने तक बॉम्बे हाई कोर्ट में लंबित रही।
इस दौरान अनिल देशमुख ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। गत 26 सितंबर को उनकी जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के द्वारा जमानत याचिका लंबित रखने पर फटकार लगाते हुए कहा था कि एक हफ्ते के अंदर अनिल देशमुख की जमानत याचिका पर सुनवाई हो। वहीं, अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले में सुनवाई करने के बाद अनिल देशमुख को जमानत दे दी है।
अवैध वसूली का लगा था आरोप
मालूम हो कि सबसे पहले सीबीआई ने अप्रैल, 2021 में अनिल देशमुख के खिलाफ केस दर्ज किया था। उसके आधार पर ही ईडी ने एफआईआर दाखिल की थी। फिर देशमुख को गिरफ्तार कर लिया गया था। मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने तब के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर शहर के बार मालिकों से पुलिसकर्मियों के जरिए वसूली कराने का आरोप लगाया था।
उन्होंने मामले में तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखा था। उसमें परमबीर सिंह ने देशमुख पर आरोप लगाया था कि पुलिस अधिकारियों के जरिए वे हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली किया करते थे। वहीं ईडी ने कथित तौर पर 4.7 करोड़ रुपये की अवैध घूस का भी मामला दर्ज किया था।
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