Sharad Yadav Profile: जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव का 12 जनवरी 2023 को निधन हो गया। उन्होंने 10 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद हर कोई उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है। हर तरफ उनके राजनीतिक सफर का बखान किया जा रहा है। बता दें कि शरद यादव ने छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रखा था। वह राजनीति में काफी ऊंचाई तक पहुंचे थे। उनके मिलनसार स्वभाव के चलते लोग उनका सम्मान करते थे। उनके स्वभान ने उन्हें हमेशा लोगों के बीच सम्मान का स्थान दिलाया। आज हम आपको उनके राजनीतिक सफर के कुछ अहम किस्से बतानें जा रहे हैं। जिसके चलते वह हमेशा सुर्खियों में रहते थे।
शरद पवार दशकों चक विपक्षी चेहरे के तौर पर बने रहे हैं। 70 के दशक में वह कांग्रेसी विरोधी लहर में ऊपर उठे थे। उन्होंने लोकदल और जनता पार्टी के जरिए अपने करियर की नींव का आगे बढ़ाया। शरद यादव अपने करियर में कुल 7 बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और 3 बार राज्यसभा सांसद भी बने हैं। वह अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी मंत्री रहे हैं।

Sharad Yadav Profile: राजनीति की शुरुआत छात्र आंदोलन से हुई
शरद यादव कोई छोटा नाम नही हैं। क्योंकि उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत छात्र जीवन से ही शुरू कर दी। 75 साल तक उन्होंने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए। उनका जन्म 1 जुलाई 1947 को मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में हुआ था। वह एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई वहीं की। कम उम्र में ही उन्हें राजनीति में रुचि होने लगी और उन्होंने जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में अध्ययन किया। इस दौरान अपने रूचि के चलते वह छात्र राजनीति में भी सक्रिय रहे। साथ ही वह पढ़ाई में भी अव्वल थे। 27 साल के शरद यादव तब जबलपुर यूनिवर्सिटी में पढ़ई कर रहे थे और छात्रसंघ के अध्यक्ष भी थे। इसी आंदोलन के चलते उन्हें जेल में जाना पड़ा था।
खास बात यह है कि उन्होंने जेल से ही चुनाव लड़ा था और उन्होंने जबलपुर से चुनाव जीत लिया। इसके बाद वह बदायूं से लोकसभा तक पहुंचे।

जबलपुर लोकसभा क्षेत्र से पहली बार सांसद
शरद यादव के अगर राजनीतिक करियर की बात करें तो वह 1974 में जबलपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए थे। तब उन्होंने जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में भी हिस्सा लिया था। 1977 में वह एक बार फिर इसी सीट पर सांसद के रूप में चुने गए। वह युवा जनता दल के अध्यक्ष भी चुने गए थे।
शरद यादव का राज्यसभा सफर
1986 में शरद यादव पहली बार राज्यसभा पहुंचे। बाद में, 1989 में, उन्होंने यूपी के बदायूं लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीता। बाद में उसी वर्ष उन्हें केंद्रीय मंत्री का पद भी मिला। वह 13 अक्टूबर 1999 को केंद्रीय उड्डयन मंत्री थे।2001 में केंद्रीय श्रम मंत्री के रूप में उन्होंने काम किया।
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