Rahul Gandhi on Savarkar: महाराष्ट्र शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच संबंध कुछ ठीक होते नजर आ रहे हैं। हाल ही में राहुल गांधी ने वीर सावरकर को लेकर कुछ टिप्पणी की थी। इस बात पर महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के नेता संजय राउत ने उनकी निंदा की थी और उद्धव ठाकरे ने भी कांग्रेस के मीटिंग में शामिल होने इंकार कर दिया था। अब खबर है कि राहुल गांधी ने उद्धव ठाकरे से बात की और बताया कि मतभेद अतीत की बात है।

Rahul Gandhi on Savarkar: संजय राउत ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि “हमने राहुल गांधी से बात की है। हमारी लड़ाई सावरकर से नहीं, बल्कि मोदी जी से है।” इस बात के सामने आने के बाद आशंका जताई जा रही है कि उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना और कांग्रेस के बीच सब ठीक हो गया है। संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस और उनके बीच मतभेद अतीत की बात है।
उन्होंने कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर हुई बैठक के बारे में बात करते हुए कहा कि “बैठक में जो बातें कही गई हैं, जो बातें कही गई हैं, वे अच्छी चीजें हैं। हमारी एकता को बरकरार रहने दें। मुझे लगता है कि यह अच्छा चल रहा है।” बता दें कि उद्धव ठाकरे ने यह कहते हुए बैठक से हाथ खींच लिया था कि सावरकर के खिलाफ गांधी की टिप्पणी महाराष्ट्र में उनके गठबंधन में दरार डाल सकती है।

सूत्रों के अनुसार इस बाद बैठक में भाग लेने वाले 17 दलों ने तय किया था कि कोई भी विपक्षी नेता सावरकर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर टिप्पणी नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संकेत दिया था कि वह समान विचारधारा वाले दलों की भावनाओं को ध्यान में रखेगी। सदस्यता रद्द होने पर राहुल ने प्रेस वार्ता कर वीर सावरकर पर टिप्पणी करते हुए कहा था, “मैं सावरकर नहीं हूं जो माफी मांग लूं।” इससे पहले भी कांग्रेस नेता ने कई बार सावरकर पर टिप्पणी की है।
Rahul Gandhi on Savarkar: राहुल गांधी को इस मामले में हुई दो साल की सजा
Rahul Gandhi on Savarkar: कांग्रेस ने सांसद के रूप में राहुल गांधी की अयोग्यता पर एक महीने के विरोध की घोषणा की है। बता दें कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपनाम के बारे में उनकी टिप्पणी पर 2019 से मानहानि के मामले में दोषी पाया गया है। इस कारण सप्ताह दो साल की जेल की सजा सुनाई गई है। 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले अभियान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा था, “सभी चोरों का एक ही उपनाम मोदी कैसे हो सकता है?”।
इसी को लेकर उनपर ओवीसी समाज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणाी को लेकर मानहानि को केस किया गया था। गुजरात की अदालत जिसने उन्हें दो साल की जेल की सजा सुनाई है ओर उन्हें जमानत दे दी और सजा को निलंबित कर दिया। शुक्रवार को उन्हें लोकसभा ने औपचारिक रूप से अयोग्य घोषित कर दिया।
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