‘वंदे मातरम् के साथ किया विश्वासघात, कांग्रेस ने टुकड़े किए, नेहरू का डोला सिंहासन’- संसद में पीएम मोदी की बड़ी बातें

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‘वंदे मातरम् के साथ किया विश्वासघात, कांग्रेस ने टुकड़े किए, नेहरू का डोला सिंहासन’- संसद में पीएम मोदी की बड़ी बातें
‘वंदे मातरम् के साथ किया विश्वासघात, कांग्रेस ने टुकड़े किए, नेहरू का डोला सिंहासन’- संसद में पीएम मोदी की बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा की। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी और जवाहरलाल नेहरू को एक बार फिर वंदे मातरम् के संदर्भ में कटघरे में खड़ा किया। लोकसभा में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने वंदे मातरम् की ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्ता को उजागर करते हुए इसके साथ हुए अन्याय का उल्लेख किया।

पीएम मोदी ने कहा, “वंदे मातरम् का स्मरण करना हम सभी के लिए गर्व की बात है। यह केवल राजनीतिक स्वतंत्रता का मंत्र नहीं था, बल्कि भारत माता को उपनिवेशवाद के बंदिशों से मुक्त करने के लिए एक पवित्र युद्धघोष था।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वंदे मातरम् के टुकड़े किए, जो तुष्टीकरण की राजनीति का हिस्सा था। प्रधानमंत्री ने सदन को याद दिलाया कि इसी तरह की राजनीति के दबाव में कांग्रेस को अंततः भारत के विभाजन के लिए भी झुकना पड़ा।

पीएम मोदी ने कहा, “15 अक्टूबर 1936 को मोहम्मद अली जिन्ना ने लखनऊ से वंदे मातरम् के खिलाफ नारा बुलंद किया। इसके चलते तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष नेहरू का सिंहासन डोल गया। नेहरू ने मुस्लिम लीग के आधारहीन आरोपों को निंदा करने की बजाय वंदे मातरम् की ही जांच पड़ताल शुरू कर दी।”

सदन में कांग्रेस नेताओं की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “जब वंदे मातरम् के 100 साल पूरे हुए थे, तब देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा हुआ था और संविधान का गला घोंटा जा रहा था। यह हमारे इतिहास का एक काला अध्याय था, लेकिन अब हमारे पास वंदे मातरम् की महानता को पुनर्स्थापित करने का अवसर है।”

पीएम मोदी ने कहा कि पिछली सदी में वंदे मातरम् के साथ भावनात्मक जुड़ाव के बावजूद अन्याय हुआ, और इसका इतिहास युवा पीढ़ी तक साझा किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम् के टुकड़े किए और इसे सामाजिक सद्भाव के नाम पर सही ठहराने की कोशिश की।

प्रधानमंत्री ने सुभाष चंद्र बोस और आनंदमठ का जिक्र करते हुए कहा कि इस गीत का समर्थन करने के बजाय यह तर्क दिया गया कि इससे मुस्लिम भावनाएं आहत हो सकती हैं।

पीएम मोदी ने वंदे मातरम् के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा, “यह केवल अंग्रेजों से मुक्ति का राजनीतिक मंत्र नहीं था। यह मातृभूमि को उन बेड़ियों से मुक्त कराने की पवित्र जंग थी, जो आजादी की लड़ाई का मूल आधार थी।”