30 मई को नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण, केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और CM योगी करेंगे उद्घाटन

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ शुक्रवार को एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण की साक्षी बनने जा रही है। भारतीय नौसेना के शौर्य, पराक्रम और समुद्री सुरक्षा में योगदान को समर्पित ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का लोकार्पण 30 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के करकमलों द्वारा किया जाएगा। यह विशेष परियोजना सीजी सिटी स्थित भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम के प्रवेश द्वार संख्या-5 के समीप विकसित की गई है।

उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग तथा भारतीय नौसेना के संयुक्त प्रयास से तैयार की गई यह वाटिका केवल एक स्मारक स्थल नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सैन्य इतिहास और नौसैनिक गौरव को समर्पित एक आधुनिक ओपन-एयर म्यूजियम के रूप में विकसित की गई है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को भारतीय नौसेना की भूमिका, तकनीकी क्षमता और बलिदान की विरासत से परिचित कराना है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि नौसेना शौर्य वाटिका भारतीय नौसेना के वीर जवानों और अधिकारियों को समर्पित एक श्रद्धांजलि स्थल है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना लखनऊ के पर्यटन मानचित्र में एक नई पहचान जोड़ने जा रही है और आने वाले समय में यह देश के प्रमुख सैन्य पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकती है।

वाटिका का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय नौसेना का सेवानिवृत्त युद्धपोत आईएनएस गोमती होगा, जिसे 28 मई 2022 को नौसेना सेवा से मुक्त किया गया था। इसके अतिरिक्त यहां नौसेना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सैन्य उपकरण और संरचनाएं प्रदर्शित की जाएंगी। इनमें एंकर, ए.के.-726 मीडियम रेंज गन, पनडुब्बी अवरोध प्रणाली, जिफ-101 लॉन्चर, कैपस्टन ड्रम, मुख्य मस्तूल और युद्धपोत का विशाल प्रोपेलर शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल पर्यटन को बढ़ावा नहीं देगी, बल्कि युवाओं में रक्षा सेवाओं के प्रति आकर्षण और राष्ट्रभक्ति की भावना को भी मजबूत करेगी। यहां आने वाले पर्यटक भारतीय नौसेना के इतिहास, युद्ध अभियानों, तकनीकी विकास और समुद्री सुरक्षा तंत्र की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण लखनऊ के सांस्कृतिक और पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह स्थल आने वाले वर्षों में न केवल पर्यटकों बल्कि छात्रों, शोधकर्ताओं और रक्षा अध्ययन में रुचि रखने वालों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बनने की संभावना रखता है।