CJP Protest: राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से अभिजीत दीपके को लेकर किए गए दावे पर कुछ ही समय बाद नया मोड़ आ गया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने पहले सोशल मीडिया पर दावा किया था कि “दीपके को पुलिस ने उठा लिया है” और विपक्षी सांसदों से छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतरने की अपील की थी।
हालांकि, बाद में उन्होंने एक नया पोस्ट जारी कर अपने पहले दावे को बदलते हुए स्पष्ट किया कि “दीपके न तो हिरासत में हैं और न ही गिरफ्तार किए गए हैं। केरल हाउस के बाहर अब भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं।”
प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि आंदोलन कर रहे लोगों की मांगों को संवेदनशीलता के साथ सुना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों का इस्तेमाल कर रही है, जबकि संवाद के जरिए समाधान तलाशना अधिक उचित होगा।
गृह मंत्री से मिले शिक्षा मंत्री, बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं
इसी बीच संसद मार्च के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी चर्चा का विषय बनी रही। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। हालांकि, सरकार की ओर से बैठक के एजेंडे या किसी संभावित फैसले को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई।
धरना स्थल पर जुटे समर्थक
पार्टी की ओर से किए गए आह्वान के बाद बड़ी संख्या में समर्थक जंतर-मंतर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने बैनर और पोस्टर लेकर नारेबाजी की तथा अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
इस बीच, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने कहा कि यदि आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर संसद के मानसून सत्र में चर्चा का भरोसा दिया जाता है, तो वांगचुक अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने पर विचार कर सकते हैं।
अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने भी प्रदर्शन को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उनके साथ कठोर व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और छात्रों को न्याय मिलना चाहिए।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध को सम्मान दिया जाना चाहिए और सरकार को प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद स्थापित कर समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए।
फिलहाल, प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने के दावे और पुलिस कार्रवाई से जुड़े आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।









